हिंदी है हम अभियान के तहत अमर उजाला ने जिले के शिक्षाविदें से बातचीत की। उन्होंने कहा हिंदी भाषा सहज और सरल बोलचाल की भाषा है। हिंदी से छात्र मातृभाषा में जल्द और सरलता से सीख पाते है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में हिंदी भाषा पर अधिक बल दिया गया है। सतीश राणा संचालक दिव्य ज्योति स्कूल फरल का कहना है कि भाषा किसी भी राष्ट्र की मूलभूत आवश्यकता होती है।
हिंदी भाषा आज के समय मे अपनी अहम भूमिका निभा रही है, हिंदी भाषा सहज व सरल बोलचाल की भाषा है, शिक्षाविदों का मानना है कि छात्र अपनी मातृभाषा में शीघ्रता व सरलता से सीखता है। हिंदी भाषा नए भारत के निर्माण में अहम भूमिका अदा करेगी। विनेश वालिया सीआईएसकेएमवी पूंडरी ने कहा है कि बदलते दौर में हिंदी का महत्व भी बढ़ता जा रहा है।
हिंदी भाषा संस्कारों की भाषा है जो हमें देश के हर कोने में सुनने व बोलने को मिलती है। नई शिक्षा नीति में हिंदी भाषा पर अधिक बल दिया गया है, विभिन्न कार्यों में हिंदी भाषा हमारे लिए बहुत उपयोगी हो रही हेै। हिंदी भाषा आसानी से समझ आने वाली भाषा है। ईश्वर सिंह संचालक जीबीएन कौल स्कूल ने बताया कि भारत को विविधताओं से पूर्ण देश कहा जाता है। पुराने समय से ही हिंदी भाषा चली आ रही है।
हिंदी भाषा दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली तीसरी भाषा है। दूसरी भाषा सीखने की चाह में अपनी भाषा से दूर होते जा रहे थे। लेकिन नई शिक्षा नीति के अनुसार हिंदी भाषा देश की शिक्षा के विकास की दिशा तय करेगी। अध्यापक अनिल कुमार ने कहा कि हिंदी भाषा बोलने से आत्मा को अलग ही एहसास होता है।
हिंदी भाषा का वर्चस्व दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हिंदी भाषा को टेेक्नीकल कोर्सो व सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में प्रमुखता से लागू करना चाहिए। सरकार द्वारा हर संभव प्रयास हिंदी भाषा को विकसित करने के लिए किए जा रहे है हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हिंदी भाषा को महत्व प्रदान करें।