संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। रेलवे स्टेशन के पास नायक कॉलोनी में विकास कार्यों के नाम पर नगर पालिका की निर्माण एजेंसी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। भाजपा मंडल कार्यकारिणी सदस्य एवं भारतीय नायक सभा प्रांतीय उपाध्यक्ष रामकुमार नायक ने बताया कि एजेंसी ने नई गलियों के
निर्माण का भरोसा दिलाकर पहले पुरानी गलियां उखाड़ दीं और कुछ निर्माण सामग्री डालने के बाद काम अधूरा छोड़कर गायब हो गई।
लोगों का कहना है कि कई दिन तक एजेंसी के लौटने का इंतजार किया गया, लेकिन अब हालत यह है कि गलियां ऊबड़-खाबड़ पड़ी हैं और पानी निकासी के लिए लोग खुद जुगाड़ कर रहे हैं। बरसात में स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। समाजसेवी संगठनों ने इसे कॉलोनीवासियों, खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ भद्दा मज़ाक बताया। मजदूरों को भी अब तक मेहनताना नहीं मिला।
कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया कि नाली मरम्मत और गलियों के पुनर्निर्माण का काम ठेकेदार को सौंपा गया था, लेकिन उसने पुराने ब्लॉक उखाड़कर एजेंसी सहित काम बीच में ही छोड़ दिया।
जनप्रतिनिधियों की नाराज़गी ः शहर पार्षद प्रदीप राणा, प्रीत जगदेव, अमित बैद समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने मौके पर जाकर स्थिति का जायज़ा लिया। उनका कहना है कि नालियों पर लगाई गई ईंट हाथ लगाने से ही उखड़ रही हैं। इससे जलभराव और गंदगी की समस्या गंभीर हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मांग की कि ऐसी एजेंसियों की सूची बनाकर टेंडर निरस्त किए जाएं।
पालिका इंजीनियर हरकत में ः नगर पालिका अभियंता राजेश प्रजापति ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही एजेंसी को नोटिस जारी करने और कनिष्ठ अभियंता व वर्क सुपरवाइजर से जवाब-तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गुणवत्ताहीन और लापरवाही से काम करने वाली एजेंसियों के टेंडर रद्द करने में देरी नहीं होगी। नगर पालिका का दायित्व है कि लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
56 कलायत रेलवे स्टेशन के पास नगरपालिका एजेंसी की ओर से उखाड़ी गई गलियां। संवाद