राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने कैथल के डीसी रविप्रकाश गुप्ता को दलित समुदाय की बेटी से हुए दुष्कर्म मामले में समय पर कार्रवाई न करने एवं पीड़ित परिवार को सांत्वना तक न देने पर समन जारी कर तलब किया है। आयोग की टीम ने बुधवार को कैथल दौरे के दौरान परिवार के सदस्यों से बातचीत कर यह फैसला लिया। साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा संबंधी उपाय किए जाएं। आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह के नेतृत्व में टीम ने गांव पबनावा व संगरौली की घटनाओं की भी जानकारी हासिल की। उन्होंने पबनावा का दौरा भी किया।
सिंह ने दुष्कर्म पीड़िता के गांव का दौरा कर परिजनों से बातचीत की और नाबालिग लड़की से बातचीत भी की। दौरे के बाद कोयल कॉम्प्लेक्स में पत्रकारों से बातचीत में सिंह ने कहा कि इन घटनाओं के बाद लड़की शिक्षा को हर हालत में जारी रखा जाएगा। उसकी फीस माफ करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद पूरी तत्परता से कार्रवाई की है। इस मामले में जो भी दोषी व्यक्ति होंगे, उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं सभ्य समाज के माथे पर कलंक के समान है। आयोग द्वारा पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा तथा मान-सम्मान दिलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के दोषियों को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें सख्त सजा भी मिले, ताकि अन्य अपराधी इससे सबक ले सके।
डीसी पर बरसे आयोग के सदस्य
आयोग ने कहा कि यह दुखद है कि पीड़ित परिवार व बेटी के साथ इतनी बड़ी वारदात हो गई। पुलिस के अलावा किसी प्रशासनिक अधिकारी ने गांव का दौरा नहीं किया। यहां तक की जिला कल्याण विभाग, जिस का गठन ही इन उद्देश्यों के लिए किया गया है। विभाग के अधिकारियों ने भी संज्ञान नहीं लिया। जबकि पीड़िता को 24 घंटे के अंदर अर्थिक सहायता से लेकर अन्य लाभ दिए जाने जरूरी होते हैं। जिला प्रशासन की यह बड़ी लापरवाही है। जिस कारण डीसी को तलब कर इसका जवाब मांगा जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस पीड़ित परिवार को मिलने वाली सहायता राशि करीब 8 लाख 25 हजार में से 50 प्रतिशत राशि का भुगतान तुरंत कर दिया जाएगा तथा शेष राशि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम में संशोधन किया गया है, जिसके अनुसार दोषी व्यक्ति को दी जाने वाली सजा के साथ-साथ पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि में भी वृद्धि की गई है। इस अवसर पर उनके साथ एसपी सुमेर प्रताप सिंह एवं एसडीएम मनदीप कौर भी मौजूद थीं।
दलितों पर अत्याचार किसी भी सूरत में सहन नही होगा : ईश्वर सिंह
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह गांव पबनावा में दलितों से मिलने पहुंचे। हरिजन चौपाल में एकत्रित हुए दलितों ने ईश्वर सिंह के सामने पंचायत में आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि दलित होने का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है। हम तो गांव में आपसी भाईचारे से रहना चाहते हैं। लेकिन चंद शरारती लोग इस भाईचारे को बिगाड़ने पर तुले हुए हैं। दलितों ने उनके साथ हुए बर्ताव के लिए न्याय की गुहार लगाई। दलितों की दास्तां सुनने के बाद सिंह ने एसपी सुमेर प्रताप सिंह को कहा कि गांव में शांति व्यवस्था का माहौल बनाए रखने के लिए पुलिस का विशेष प्रबंध किया जाए। दलितों पर अत्याचार किसी भी सूरत में सहन नहीं होगा।
मौके पर मौजूद गांव के सरपंच प्रतिनिधि नंबरदार रामपाल को कहा कि सरपंच और नंबरदार 36 बिरादरी का साझा होता है। 5 साल के लिए सरपंच के कंधों पर गांव का भार होता है। जिसको बड़ी समझदारी के साथ निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दलितों के मोहल्ले में विकास कार्यों में तेजी लाएं। गांव में शांति का माहौल कायम रहे इसके लिए ईश्वर सिंह ने सुलह करवाने के उद्देश्य से दोनो पक्षों को अपने निवास पर स्थान पर बुलाया है ताकि मिल बैठ कर आपसी मतभेदों को दूर किया जा सके।
इस अवसर पर एसडीएम मनदीप कौर, डीएसपी सतीश गौतम, डीपीआरओ रणधीर शर्मा, ढांड थाना प्रभारी रमेश चंद, नायब तहसीलदार ढांड नवनीत, कानूनगो पाला राम, हलका पटवारी सुभाष आदि मौजूद रहे।