कैथल। केंद्र सरकार के टुकड़े, सिकुड़े दाने व लस्टर लॉस (चमक में कमी) पर कट लगाकर खरीद के फैसले पर कट का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा से किसानों व आढ़तियों ने राहत की सांस ली है। इस फैसले के बाद बुधवार को जिले भर में गेहूं की जमकर खरीद हुई। तीन दिन में अब तक करीब 20 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। जिले में 42 खरीद केंद्रों पर गेहूं 2125 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। अब उठान पर जोर की तैयारी है।
आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार रात तक 12 लाख चार हजार तीन क्विंटल गेहूं की फसल की खरीद की गई थी। इसमें से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 49 हजार 834, हेफेड ने 45 हजार 519, एफसीआई ने 2069, एचडब्ल्यूसी ने 26 हजार 581 क्विंटल गेहूं की खरीद की। सरकार से मिले आश्वासन के बाद अगले एक सप्ताह तक जिले की मंडियों में गेहूं की जबरदस्त आमद की उम्मीद है। बुधवार देर रात तक 19 लाख 90 हजार 500 क्विंटल जिले में गेहूं की खरीद की गई है।
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकुमार गर्ग ने कहा कि सरकार ने आश्वासन दे दिया है कि टुकड़े, सिकुड़े दाने व लस्टर लॉस के कट पर खर्च को खुद वहन करेगी। इसीलिए किसानों व आढ़तियों ने राहत की सांस ली है। बुधवार को जमकर खरीद हुई है। किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जा रही। अब उठान भी शुरू हो गया है। अधिकारियों से मांग की जाएगी कि उठान पर भी ध्यान दिया जाए। ताकि मंडियों में जाम की स्थिति न बने।
सीधा ट्रेन से बाहर भेजा गया मंडी से गेहूं, जाम से राहत
मंडी से मिली जानकारी के अनुसार इस बार मंडी से गेहूं को सीधा गोदामों में भेजने की बजाय बुधवार को आई विशेष ट्रेन से बाहर भेजा गया है। इससे मंडी में जाम की स्थिति से भी छुटकारा मिला है। बताया जा रहा है कि दूसरे राज्यों में अभी गेहूं की काफी मांग है। इसी कारण इस बार केंद्र सरकार भी गोदामों में भंडारण का खर्च वहन करने की बजाय सीधा अभी से जरूरत की जगहों पर गेहूं भेज रही है। इससे किसानों व आढ़तियों को भी परेशानी कम हो रही है। दरअसल, उठान न होने की सूरत में मंडी में जाम की स्थिति बन जाती थी।
डीएफएससी निशांत राठी ने कहा कि मुख्यमंत्री महोदय के ट्वीट से जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार से कट का खर्च न वसूलने का आग्रह किया जाएगा। साथ ही यदि एफसीआई गेहूं खरीद में कोई कट लगाता है तो उसका वहन राज्य सरकार करेगी। इस सूचना के बाद जिले में गेहूं की खरीद सुचारू हो गई है। कहीं भी जिले में कोई परेशानी नहीं आ रही।
किसानों के चेहरे खिले
किसान गांव हिम्मतपुरा के जीत सिंह ने कहा कि वे मंडी में गेहूं लेकर आए थे। जो अच्छे ढंग से बिका है। पहले कट की चिंता थी, लेकिन कोई कट नहीं लगा। इससे बड़ी राहत मिली है।
इसी गांव के गज्जन सिंह ने कहा कि गेहूं बिक्री में कोई परेशानी नहीं आई। कुछेक जगहों को छोड़कर प्रति एकड़ औसत उत्पादन भी अच्छा रहा है। शुक्र है कि इतनी बारिश के बावजूद फसल का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। गांव उमेदपुर के जरनैल सिंह ने कहा कि वे गेहूं लेकर आए थे। जो बिक गया है। अब गेहूं में नमी जैसी भी दिक्कत नहीं है। सूखा गेहूं है। जो आते ही बिक गया।