कैथल। नगर में शुक्रवार को संकष्टी चतुर्थी व्रत पर श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा की विशेष पूजा-अर्चना की। सुबह से ही व्रत रखने वाले भक्त उपवास रखकर मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे। कई घरों में भी भगवान गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर विधिपूर्वक पूजन किया। दूर्वा, लड्डू, पंचामृत और प्रसाद अर्पित कर भगवान गणपति जी को प्रसन्न किया गया।
कुछ स्थानों पर सामूहिक पूजा और भगवान गणेश जी की कथा का पाठ भी हुआ। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ व्रत का पारण किया गया। भगवान गणेशजी से विघ्नों की समाप्ति और सुख-समृद्धि की कामना की गई।
महंत अवध बिहारी दास ने इस व्रत की महता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संकष्टी चतुर्थी व्रत भगवान गणेश के भक्तों के लिए अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है।
इस दिन भगवान गणेशजी को विघ्नहर्ता और सुखकर्ता रूप में पूजा जाता है। व्रत रखने से मानसिक बल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। महंत ने कहा कि कहा जाता है कि जो श्रद्धा से व्रत करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देने से दोष और संकटों से मुक्ति मिलती है।
उन्होंने कहा कि इस व्रत से शनि, राहु और केतु से जुड़े कष्ट भी दूर होते हैं। भगवान गणपति जी की कृपा से जीवन में स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा आती है। यह व्रत व्यक्ति के अध्यात्मिक विकास का मार्ग भी प्रशस्त करता है । इस अवसर पर मार्केट कमेटी के पूर्व वाइस- चेयरमैन संगीत बंसल, अशोक गोयल, अंकुर मुंजाल, सुधीर मिड्ढा, मोहित गोयल व बिट्टू सैनी आदि उपस्थित रहे। संवाद