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अनाज भंडारण केंद्र में लापरवाही पर लीपापोती, बचाव में जुटे अधिकारी

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पूंडरी। पूंडरी में खुले में बनाए गए एक अनाज भंडार केंद्र में अधिकारियों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। अब अधिकारियों ने इस लापरवाही पर लीपापोती का काम शुरू कर दिया है। मामला पूंडरी से ढांड रोड पर गुरुकुल पूंडरी की दीवार से सट कर खुले में अनाज भंडारण के लिए बने गोदाम व कैथल रोड पर बने भंडारण केंद्र में हजारों टन गेहूं के खराब होने का है।
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लोगों का कहना है कि अगर सही तरीके से मामले की जांच हुई तो पता चल ही जाएगा कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है। भाकियू के पदाधिकारियों का कहना है कि यही सड़ा हुआ गेहूं गरीबों की थालियों में जाता रहा है। राशन डिपो में खराब गेहूं को लेकर पूरे प्रदेश में एक बवाल आया था। गरीबों ने राशन लेने से मना ही कर दिया था। जिस पर सरकार ने सख्त एक्शन लिया था। जिसका परिणाम आज गरीब लोगों को कुछ हद तक सही राशन मिलना शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि अब इस घोटाले के जिम्मेदार अपने को पाक साफ बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाएंगे और जनता के सामने मौसम को जिम्मेवार ठहराएंगे। अगर इन दोनों गोदामों में शेड की तो छोड़ो। अच्छी व नई तिरपाल भी होती तो इतना अनाज कदापि खराब नहीं होता। कस्बावासियों शमशेर सिंह, रघबीर सिंह, सुशील, विजय का कहना है कि अब अधिकारी यह भी कह सकते हैं कि बारिश की वजह से जमीन पर रखा गेहूं खराब हो गया होगा। लेकिन सवाल यह उठता है कि जमीन पर रखे गेहूं के कट्टों में से ऊपरी व मध्य में लगे कट्टे खराब कैसे हुए।
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आखिर कब सबक लेगा संबंधित विभाग
लोगों का कहना है कि देश में हर साल लाखों टन अनाज या तो चूहे खा जाते हैं या फिर बारिश में भीग कर सड़ जाते हैं। अगर अनाज को सही ढंग से रखा जाए तो इससे करोड़ों बच्चों को एक साल तक खाना खिलाया जा सकता है। करोड़ों का अनाज उचित भंडारण के अभाव में वर्षा, सीलन, कीड़ों और चूहों के कारण नष्ट हो जाता है। यह सिलसिला कब रुकेगा। शायद यह किसी को पता भी नहीं होगा।
खबर के छपने के बाद गोदामों में हुई हलचल-
अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद ढांड रोड पर कैथल रोड पर स्थित खुले में अनाज भंडारण केंद्रों पर खूब हलचल देखी गई। ढांड रोड पर गोदाम में तो छह-सात भारी वाहन भी देखे गए। गेहूं को तिरपालों से ढका हुआ था। कयास लगाए जा रहे हैं कि इन गोदामों से कमियों को छिपाने की भरपूर कोशिश हो रही है।
साफ गेहूं भेजने के दिए हैं निर्देश
एफसीआई के डीएम कुमार अभिषेक ने कहा कि डिपूओं में साफ गेहूं की भेजने के निर्देश दे रखे हैं। विभागीय कार्रवाई करना विभाग का काम है। इसके लिए वे अधिकारियों को पत्र लिखेंगे।
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