फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भुगतान के लिए भटक रहे हैं कॉमन सर्विस सेंटर संचालक

विज्ञापन
विज्ञापन
। मंगलवार को कॉमन सर्विस सेंटर में सीएससी हरियाणा दिवस मनाया गया। जबकि इन सेंटरों के कई संचालक अपने काम के बदले मानदेय के लिए भटक रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई न होने पर सात सीएससी संचालक हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं। इतना ही नहीं आधा दर्जन से अधिक सीएससी केवल लघु सचिवालय के आस-पास खुले हैं। जबकि उनके आवेदन में पते किसी दूसरी जगह या वार्ड के हैं। जिस वार्ड के नाम पर उनके सीएससी खुले हुए हैं। वहां सेवाएं न देने के कारण लोग परेशान हैं। स्वयं एडीसी सतबीर कुंडू जिस सीएससी पर पहुंचे थे, वह वार्ड नंबर 13 के पते पर खुला है। जबकि चल वह 15 नंबर वार्ड में हैं।
विज्ञापन

सीएससी संचालक अजीत जांगड़ा ने बताया कि नरेश कुमार, संदीप कुमार, कृष्ण डोहर, रामफल चंदाना, संदीप कैलरम व शिव कुमार, इन सभी 7 सीएससी संचालकों ने अपने मानदेय के लिए अब हाईकोर्ट जाने का फैसला लिया है। क्योंकि वे जिलास्तर पर सभी अधिकारियों से मिल चुके हैं। उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। करीब दो साल से ग्राम सचिवालय मानदेय, जाति के लिए किया गया सर्वे, कई माह से गेहूं खरीद कार्य, मेरी फसल मेरा ब्यौरा, फैमिली आईडी जैसी योजनाओं में किए गए काम के लिए भुगतान नहीं हो पा रहा है। प्रधानमंत्री श्रमयोगी पेंशन योजना में जिन लोगों के खाते बनाए गए थे, उनके खातों से किश्तेें कट रही हैं। जबकि कहा गया था कि ये किश्तें सरकार भरेगी। लोग उनके साथ झगड़ा करते हैं। अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। करीब साल भर से सीएससी संचालकों की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है और ना ही उन्हें स्टांप आदि निकालने की ट्रेनिंग दी गई है। तो फिर वे कैसे गांव में ही लोगों को स्टांप दे पाएंगे। बुढ़ापा पेंशन के लिए लोग उनके पास आते हैं। लेकिन वे आवेदन नहीं कर सकते। कई गांवों में वाई-फाई चौपाल बनाई गईं। एक माह का अंदाजा लगाया गया था, जिसमें 136 सीएससी संचालकों के 8 लाख रुपये से अधिक का बकाया था।
सीएससी संचालकों का जिलास्तर पर काम देख रहे वसीम से सीधी बातचीत:
1. सीएससी संचालकों का योजना अनुसार भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है?
उत्तर -ग्राम सचिवालय मानदेय पंचायत विभाग ने यह कहकर रोका है कि सीएससी संचालक उस क्षेत्र में नहीं बैठते।
जाति के सर्वे संबंधी भुगतान में कुछ तकनीकी दिक्कत है। उसके दूर होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
गेहूं खरीद के लिए जल्द बजट आने वाला है। मेरी फसल मेरा ब्यौरा के संबंध में भी तकनीकी दिक्कत आई है। इसके दूर होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
2. प्रधानमंत्री श्रमयोगी योजना के तहत लोगों के खाते से पैसे कट रहे हैं।
उत्तर:-सरकार ने इसके लिए प्रदेशस्तरीय योजना लागू की है। जिससे ये राशि अब नहीं कटेगी।
3. प्रश्र:-साल भर से सीएससी संचालकों की ट्रेनिंग या बैठक नहीं हो रही?
उत्तर:-साल भर से एडीसी का पद एडिशनल था। कोरोना काल के कारण यह संभव नहीं हो पाई। अब एडीसी महोदय आए हैं तो जल्द ट्रेनिंग करवाई जाएगी।
4. क्या सभी सीएससी संचालकों को भुगतान किया जाना होता है?
उत्तर-नहीं करीब 350 में से 84 को भुगतान किया जाता है।
5. लघु सचिवालय के आस-पास ही ज्यादा सीएससी हैं, क्यों?
उत्तर:-सरकार ने एक पत्र जारी किया है कि जो भी सीएससी के लिए आवेदन करेगा, उसे आईडी देनी पड़ेगी। इसीलिए ये सीएससी यहां चल रहे हैं।
एडीसी सतबीर कुंडू का कहना है कि उन्होंने आज ही एक योजना का लंबित मानदेय भुगतान किया है। रही बात एक दूसरी जगह सेंटर चलने की तो इस संबंध में जांच करवाई जाएगी। जो भी नियमों के अनुसार नहीं पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

। जिला के सभी कॉमन सर्विस सेंटरों में सीएससी हरियाणा दिवस मनाया गया। एडीसीसतबीर सिंह कुंडू ने ढांड रोड स्थित सीएससी सेंटर में पहुंचकर इस दिवस का शुभारंभ किया और मौके पर मौजूद लोगों को प्रदेश सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं व सेवाओं के बारे में जानकारी दी।
जिला प्रबंधक वसीम अहमद ने बताया कि सभी कॉमन सर्विस सेंटर में सीएससी हरियाणा दिवस मनाया गया। इस दौरान जिला भर के सभी कॉमन सर्विस सेंटरों पर सभी सरकारी सेवाएं देने बारे जागरूक अभियान चलाया गया। ग्रामीण स्तर पर इन सेंटरों के माध्यम से भारत सरकार व हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं जैसे कि पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, जीवन प्रमाण-पत्र, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, परिवार पहचान पत्र का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा इन केंद्रों के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों में फ्री इंटरनेब सेवा देने का कार्य भी शुरू किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें