संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत शहर में डोर-टू-डोर सफाई कार्य की निविदा न होने से नगर पालिका अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित एजेंसी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले में लोगों की ओर से की जा रही शिकायतों पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है। सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप कार्य की जांच के लिए एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने पांच सितंबर को नगर पालिका अधिकारियों को तलब किया है।
इसमें नगरपालिका सचिव, कनिष्ठ अभियंता, सुपरवाइजर और कार्य से संबंधित दूसरे अधिकारियों से डोर-टू-डोर कार्य की पूरी स्थिति का ब्योरा मांगा गया है। इसके साथ ही सफाई टेंडर एजेंसी से सरकार द्वारा स्वच्छता को लेकर दिए गए आदेशों की पालन रिपोर्ट उपलब्ध करवाने को कहा है।
कस्बे का डंपिंग यार्ड ओवरफ्लो है। इससे चारों ओर दुर्गंध का आलम है। समाज सेवी संगठनों का कहना है कि कलायत-पिंजुपुरा मार्ग पर जिस स्थान पर डंपिंग यार्ड स्थापित किया गया है उससे कुछ दूरी पर उप मंडल सचिवालय, नेशनल हाई-वे, एसटीएम, अनाज भंडारण स्थल, अनाज मंडी, निजी शिक्षण संस्थान और भारी आवाजाही वाले क्षेत्र हैं। डंपिंग यार्ड पर साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। कूड़ा-कर्कट खेत-खलियानों, सिंचाई संसाधनों, सडक़ और आसपास सटे सरकारी-निजी परिसरों में इधर-उधर बिखरा है। इस बदहाल स्थिति को लेकर समाज सेवी संगठनों में भारी रोष है।
एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने बताया कि स्वच्छता कार्य को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। डोर-टू-डोर सफाई कार्य के लिए जो नियम बनाए गए हैं उनका पालन सुनिश्चित करना नगरपालिका और एजेंसी की जिम्मेवारी है। उठान, निपटान और संबंधित कार्य को लेकर जो शिकायतें आ रही हैं उन्हें गंभीरता से लिया गया है। इसके मद्देनजर नगर पालिका अधिकारियों को पूरी स्थिति स्पष्ट करने के लिए पांच सितंबर को उप मंडल सचिवालय बुलाया है।