कैथल। जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से रोजाना 10 से अधिक संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। जिले में अब तक डेंगू के नौ मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि जांच के लिए कुल 1200 सैंपल लिए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घरों और आसपास के स्थानों पर मच्छरों के लारवा की जांच कर लोगों को जागरूक कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू के संक्रमण को रोकने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है।
इन क्षेत्रों में मिल चुके हैं डेंगू के मरीज
जिले के सिसमौर, सर्राफा बाजार, खुराना रोड, महादेव कॉलोनी, गांव नंदकरण माजरा, शास्त्री मार्केट, प्रताप गेट, मॉडल टाउन-जींद रोड और गोविंद नगर में डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक कर रही हैं।
280 कर्मचारी कर रहे निगरानी
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए शहरी क्षेत्रों में 36 और ग्रामीण क्षेत्रों में 244 कर्मचारी तैनात हैं। इनके अलावा 19 सुपरवाइजर भी निगरानी कर रहे हैं। जिले के सभी 602 तालाबों में मच्छरों के लारवा को खत्म करने के लिए गंबूजिया मछलियां छोड़ी जा चुकी हैं।
लारवा मिलने पर जारी किए जा रहे नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की टीमें घरों, पानी के कंटेनरों और अन्य संभावित स्थानों की जांच कर रही हैं। पिछले उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 9865 घरों और 18470 कंटेनरों की जांच की गई थी। इस दौरान 29 स्थानों पर मच्छरों का लारवा मिला और 29 नोटिस व चालान जारी किए गए। जिले में अब तक 14 लाख 83 हजार 16 घरों और 29 लाख आठ हजार 56 कंटेनरों की जांच की जा चुकी है। इनमें 3727 स्थानों पर लारवा मिला है।
बुखार होने पर करवाएं जांच
उप सिविल सर्जन डॉ. नीरज मंगला ने लोगों से घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कूलर, गमलों, छतों पर रखे बर्तनों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें। बुखार, सिर दर्द या बदन दर्द होने पर चिकित्सक से जांच करवाएं।