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Kaithal News: सड़कों पर लगीं बोरियां, दो घंटे में निकल पा रही उठान की गाड़ी

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धान की बोरियों से अटी कैथल की अ​तिरिक्त मंडी। संवाद
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कैथल। मंडियों में धान की आवक चरम पर पहुंचने के साथ ही व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। मंडियों के अंदर जगह नहीं बची है। इसके कारण धान और उसकी बोरियां मुख्य सड़कों तक आ पहुंची हैं। धीमी खरीद और उठान की सुस्त रफ्तार ने किसानों और आढ़तियों की चिंता को बढ़ा दिया है। हालत यह है कि उठान के लिए गाड़ियों को मंडी से निकलने में दो से तीन घंटे का लंबा समय लग रहा है जिससे मंडियों में जाम की स्थिति बनी हुई है।
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शनिवार को शाम तीन बजे तक खरीद की रफ्तार काफी धीमी दर्ज की गई। दिनभर में कुल 23,548 मीट्रिक टन (एमटी) धान की आवक में से महज 7,067 मीट्रिक टन धान की ही सरकारी खरीद हो सकी। यह कुल आवक का एक छोटा हिस्सा है जिसके कारण मंडियों में धान का स्टॉक लगातार जमा होता जा रहा है। राहत की बात यह है कि सरकार की ओर से भुगतान प्रक्रिया को जारी रखा गया है। अब तक 45,434 किसानों को उनके बैंक खातों में 946 करोड़ रुपये का भुगतान ट्रांसफर किया जा चुका है।
आंकड़ों की अब तक की स्थिति
• कुल आवक: 6.55 लाख मीट्रिक टन
• कुल खरीद: 5.46 लाख मीट्रिक टन
• कुल उठान: 4.19 लाख मीट्रिक टन
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जाम और अव्यवस्था से बढ़ी मुश्किलें : प्रधान
अतिरिक्त मंडी के प्रधान रघबीर मलिक का कहना है कि मंडी प्रशासन और परिवहन ठेकेदारों के बीच समन्वय की कमी का खमियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। उठान की गाड़ियां समय पर नहीं मिल रही हैं और जो गाड़ियां आ रही हैं, उन्हें लोडिंग और मंडी से बाहर निकलने में तीन घंटे से अधिक का समय लग रहा है।
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वेयरहाउस का 71 प्रतिशत उठान और 97 प्रतिशत भुगतान : डीएम
कैथल। हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि एजेंसी की ओर से अब तक कुल खरीद में से 71 प्रतिशत धान का उठान पूरा किया जा चुका है और 97 प्रतिशत किसानों को उनकी फसल का भुगतान कर दिया है। उन्होंने बताया कि भुगतान प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए एजेंसी लगातार कार्य कर रही हैं। शेष 3 प्रतिशत भुगतान पोर्टल पर डेटा अपडेट नहीं होने के कारण लंबित है। पोर्टल पर संबंधित डेटा प्रदर्शित होते ही नियमानुसार लंबित भुगतान भी कर दिया जाएगा, ताकि किसानों को समय पर उनकी फसल की राशि मिल सके।

धान की बोरियों से अटी कैथल की अतिरिक्त मंडी। संवाद

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