संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। परिवहन खर्च में इजाफे का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी दिखाई देने लगा है। शहर के तलाई बाजार, मुख्य बाजार, जनता मार्केट समेत अन्य बाजारों में कॉस्मेटिक उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसका सीधा असर खासकर महिलाओं और युवतियों के मासिक बजट पर पड़ रहा है। ऐसे में सजना-संवरना अब पहले की तुलना में अधिक महंगा होता जा रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि बाजार में बिकने वाले अधिकांश कॉस्मेटिक उत्पाद या उनका कच्चा माल चीन से आता है। आयात शुल्क, एक्साइज ड्यूटी और परिवहन लागत बढ़ने के कारण उत्पादों की कीमतों में इजाफा हुआ है। बजट बिगाड़ रही बढ़ती कीमतें : कॉस्मेटिक की खरीदारी करने आई प्रीति ने बताया कि पहले वह जरूरत के साथ पसंद का सामान भी खरीद लेती थीं, लेकिन अब बढ़ती कीमतों के कारण सोच-समझकर खरीदारी करनी पड़ रही है। छोटी-छोटी वस्तुओं में भी 10 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कुल बजट प्रभावित हो रहा है।
नेहा ने कहा कि त्योहारों, शादी समारोह या विशेष अवसरों पर कॉस्मेटिक की खरीदारी अधिक करनी पड़ती है। पहले जो सामान आसानी से बजट में आ जाता था, अब उसके लिए ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
गृहिणी कविता का कहना है कि कॉस्मेटिक केवल फैशन का हिस्सा नहीं, बल्कि कई महिलाओं की दैनिक जरूरत भी है। क्रीम, फेसवॉश, हेयर प्रोडक्ट खरीदने पड़ते हैं।
छोटे स्तर पर कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। फेस क्रीम, नेल पेंट, मेकअप किट, ब्यूटी प्रोडक्ट और अन्य कॉस्मेटिक सामग्री पहले की तुलना में महंगी हो गई है। ग्राहकों को भी अब खरीदारी के दौरान अंतर महसूस होने लगा है। -रघबीर, मुख्य बाजार के दुकानदार
कई उत्पाद सीधे या परोक्ष रूप से चीन से जुड़े होते हैं। पहले जो सामान कम कीमत में उपलब्ध हो जाता था, अब उस पर अतिरिक्त खर्च आ रहा है। उन्होंने बताया कि डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्टरों ने प्रति पार्सल या माल ढुलाई पर लगभग 10 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लेना शुरू कर दिया है। इसका सीधा असर उत्पादों की अंतिम कीमत पर पड़ रहा है। -संजय बंसल, कॉस्मेटिक दुकानदार, तलाई बाजार
रघबीर सिंह