कैथल। नगर परिषद और नगर पालिकाओं से एनओसी के लिए जमा करवाए जाने वाले विकास शुल्क की बढ़ी हुई दरों को वापस ले लिया गया है। इससे प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े लोगों सहित जमीन की खरीद-फरोख्त करने की इच्छा रखने वाले लोगों को राहत मिली है।
18 फरवरी को आदेश जारी किया गया था कि शहरों में विकास शुल्क के लिए ली जाने वाली 120 रुपये प्रति वर्ग गज की दर को खत्म कर दिया गया है। इसके स्थान पर कलेक्टर रेट की पांच प्रतिशत दर निर्धारित की गई जो तीन से चार गुनी हो गई थी। इस फैसले की चौतरफा निंदा हो रही थी। सरकार ने बुधवार को यह फैसला वापस ले लिया है। ईओ कुलदीप सिंह ने बताया कि कलेक्टर रेट के पांच प्रतिशत की दर से विकास शुल्क लेने का फैसला वापस ले लिया गया है। इस संबंध में आधिकारिक सूचना मिल गई है। पूर्व की दर ही अब लागू रहेगी।