फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कराएं फसल की रिपोर्ट

Wed, 10 Sep 2025 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

गुहला-चीका। बाढ़ और जलभराव से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को 15 सितंबर, 2025 तक खुला रखने का निर्णय लिया है। इस पोर्टल के माध्यम से किसान अपनी खरीफ फसलों में हुए नुकसान की जानकारी अपलोड कर सकते हैं और क्षतिपूर्ति के लिए दावा दर्ज कर सकते हैं।

एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने कहा कि जब से घग्गर का जल स्तर बढ़ना शुरू हुआ था, तब से अब तक डीसी प्रीति के मार्गदर्शन में निरंतर जिला व स्थानीय प्रशासन पूरी निगरानी कर रहा है। डीसी प्रीति, एसपी आस्था मोदी व उन्होंने स्वयं भी घग्गर से लगते गांवों का दौरा कर रहे हैं। ग्रामीणों व किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टांगरी व मारकंडा में पीछे जलस्तर कम होने की सूचना प्राप्त हो रही है और धीरे-धीरे घग्गर का जल स्तर भी कम होने की संभावना है। किसी भी गांव की आबादी में घग्गर का पानी नहीं पहुंचा है।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि घग्गर से लगते 39 गांव के किसान खराब हुई अपनी फसलों का पंजीकरण पोर्टल कर सकते हैं। किसान https://ekshatipurti.haryana.gov.in/ पर जाकर अपना आवेदन कर सकता है।

एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग द्वारा कमजोर तटबंधों को मजबूत करने का कार्य निरंतर जारी है। इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से अपनी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई जा रही है और आमजन को राहत पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।







ह।ॉ



ॉै, वहीं पशुओं का उपचार किया जा रहा है। विभिन्न विभागों की ओर से गांवों में सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही है।——————000000000000000000000000000000————————

राहत की खबर : घग्गर का जल स्तर घटा, किसानों के लिए पोर्टल पर दर्ज होगा फसल खराबा







टटियाना गेज पर 24.8 से घटकर 24.6 फीट पहुंचा जल स्तर, प्रशासन की निगरानी जारी







संवाद न्यूज एजेंसी



गुहला-चीका। घग्गर नदी से सटे गांवों के लिए राहत की बात है कि नदी का जल स्तर अब घटने लगा है। मंगलवार सुबह 7 बजे टटियाना गेज पर 24.8 फीट (54349 क्यूसेक) दर्ज जल स्तर दोपहर 3 बजे घटकर 24.6 फीट (54022 क्यूसेक) पर आ गया।







एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने बताया कि डीसी प्रीति और एसपी आस्था मोदी लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं। टांगरी और मारकंडा नदियों का जल स्तर पहले ही घट रहा है, जिससे घग्गर का स्तर भी धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है। किसी भी गांव की आबादी तक पानी नहीं पहुंचा है। खेतों व सड़कों पर भरा पानी अब उतरने लगा है।







उन्होंने बताया कि किसानों के फसल नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल (https://ekshatipurti.haryana.gov.in

) खोला है। घग्गर से प्रभावित 39 गांवों के किसान अपनी फसल खराबा रिपोर्ट यहां दर्ज कर सकते हैं।







एसडीएम ने बताया कि सिंचाई विभाग लगातार कमजोर तटबंधों को मजबूत कर रहा है। विभिन्न विभाग गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। पशुओं के उपचार और राहत शिविरों का भी संचालन जारी है।



00000000000



राहत की बात : घग्गर नदी का जल स्तर घटने लगा







टटियाना गेज पर 24.8 से घटकर 24.6 फीट पर पहुंचा जल स्तर, किसानों को फसल खराबा दर्ज कराने का अवसर







संवाद न्यूज एजेंसी







गुहला-चीका। घग्गर से लगते गांवों के लिए अब राहत की बात है कि घग्गर का जल स्तर कम होना शुरू हो गया है। घग्गर टटियाना गेज पर मंगलवार को सुबह सात बजे जल स्तर 24.8 फीट (54349 क्यूसेक पानी) दर्ज किया गया था। इसके बाद दो घंटे बाद यानी सुबह नौ बजे घग्गर का जल स्तर घटकर 24.7 फीट (54022 क्यूसेक) हो गया। शाम तीन बजे जलस्तर का स्तर और घटकर 24.6 फीट पर पहुंच गया। जलस्तर घटने का यह सिलसिला जारी है।







एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने बताया कि जब से घग्गर का जल स्तर बढ़ना शुरू हुआ था, तब से अब तक डीसी प्रीति के मार्गदर्शन में जिला व स्थानीय प्रशासन निरंतर पूरी निगरानी कर रहा है। डीसी प्रीति, एसपी आस्था मोदी और उन्होंने स्वयं भी घग्गर से लगते गांवों का दौरा किया। ग्रामीणों व किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टांगरी व मारकंडा में पीछे जलस्तर घटने की सूचना प्राप्त हो रही है और धीरे-धीरे घग्गर का जल स्तर भी कम होने की संभावना है। किसी भी गांव की आबादी तक घग्गर का पानी नहीं पहुंचा है।







उन्होंने बताया कि फिलहाल जहां खेतों व सड़कों पर पानी भरा हुआ था, अब वहां भी पानी कम होना शुरू हो गया है। फसल खराबा दर्ज करने के लिए सरकार द्वारा क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है। घग्गर से लगते 39 गांवों के किसान खराब हुई अपनी फसलों का पंजीकरण पोर्टल पर कर सकते हैं। किसान https://ekshatipurti.haryana.gov.in/
विज्ञापन


पर जाकर अपना आवेदन कर सकते हैं।







एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग द्वारा कमजोर तटबंधों को मजबूत करने का कार्य निरंतर जारी है। इसके अलावा विभिन्न विभाग अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं और आमजन को राहत पहुंचा रहे हैं। शिविरों का आयोजन किया जा रहा है तथा पशुओं का उपचार भी किया जा रहा है। विभिन्न विभागों की ओर से गांवों में सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें