संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। आढ़तियों के कमीशन में कटौती किए जाने से प्रदेशभर के आढ़तियों में प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष पनप रहा है। आढ़तियों ने सरकार से मांग रखी है कि उनका कमीशन अढ़ाई प्रतिशत किया जाए ताकि इस धंधे से जुड़े लाखों लोग बेरोजगार ना हो और अपने परिवार पाल सके।
चीका अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान कर्म चंद गर्ग ने बताया कि धान के सीजन से पहले तक आढ़तियों को 55 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन मिलता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चुनाव के दौरान घोषणा की थी कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती है तो आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की जाएगी। आढ़तियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने वादे के मुताबिक उनका कमीशन बढ़ाने की बजाए नौ रुपए प्रति क्विंटल तक कम कर दिया। उन्होंने कहा कि धान के दाम बढऩे व बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार को आढ़तियों का कमीशन बढ़ाना चाहिए था लेकिन सरकार ने इसे कम करके उल्टी गंगा बहा दी है। आढ़त के कारोबार से प्रदेश में लाखों आढ़तियों के अलावा बड़ी संख्या में मुनीम, मजदूर व दूसरे लोग जुड़े हुए है। यदि आढ़त का कारोबार प्रभावित होता है तो इन लोगों की आजीविका पर भी प्रभाव पड़ेगा।