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दोहरे हत्याकांड के विरोध में निकाला रोष मार्च

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Rage march taken out in protest against double murder - फोटो : Kaithal
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आढ़ती सत्यवान और 0उनकी पत्नी कैलाश देवी की हत्या के मामले में हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वीरवार को शहर की सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों व सदस्यों के साथ मिलकर पीड़ित परिवार ने पिहोवा चौक से रोष प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय तक शांति मार्च निकाला। जहां कैथल पुलिस, जिला प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एसपी व डीसी को ज्ञापन सौंपा।
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मृतक आढ़ती के पुत्र पुनीत कुमार, जीवन रक्षक दल के राजू डोहर, आढ़ती बीरभान जैन, नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम लाल गर्ग, धर्मबीर केमिस्ट, रोहन मित्तल, पूर्व चेयरमैन रामनिवास मित्तल, जिला आढ़ती एसोसिएशन प्रधान अश्वनी शोरेवाला, चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़, सुदीप सुरजेवाला, अशोक गोयल, राजेश कुमार, शिव शंकर पाहवा, कृष्ण सैनी, सुरेंद्र गर्ग बिट्टू, जोगिंद्र ढुल, रवि भूषण गर्ग, सुजीत कपूर, नरेंद्र निझावन, पप्पू सहित काफी संख्या में लोग पिहोवा चौक पर एकत्रित हुए। उनके साथ पीड़ित परिवार में आढ़ती के पुत्र पुनीत सहित उनकी दो बहनें व आढ़ती के भाई, सुमित गर्ग सहित परिजन भी मौजूद थे। जहां करीब दस मिनट तक चौक के दो ओर की साइड में सडक़ पर बैठकर जाम लगाया। इसके बाद सभी लोग शांति मार्च निकालते हुए करनाल रोड से होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान लोगों ने कैथल पुलिस, जिला प्रशासन, सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। लघु सचिवालय में पहुंच कर भी काफी देर तक नारेबाजी की। साथ ही यहां विचार रखते हुए वक्ताओं ने कैथल पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए और कहा कि आखिर क्या कारण है कि आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचकर हर बार निकल जाता है। लोगों के रोष को देखते हुए डीसी प्रदीप दहिया व एसपी लोकेंद्र सिंह कार्यालय से नीचे आए और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच में सीढिय़ों पर बैठकर उनकी बात सुनीं। यहां जब लोगों से एसपी से सीधे सवाल दागने शुरू कर दिए तो मौके की नजाकत को समझते हुए डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि यहां ऐसे मीडिया ट्रायल न बनाया जाए। हादसे का उन्हें भी दुख है। कार्यालय में आकर बात करें। इसके बाद उनका ज्ञापन लेकर अधिकारी अपने कार्यालय में चले गए। जहां आढ़ती के पुत्र पुनीत व कुछ चुन्निंदा प्रतिनिधियों ने बातचीत की।
आढ़ती के पुत्र पुनीत का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें अब तक की हुई कार्रवाई की जानकारी दी है। लेकिन उनकी मांग है कि परिणाम दिया जाए। यदि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो अग्रवाल समाज की ओर से मनाई जाने वाली अग्रसेन जयंती नहीं मनाई जाएगी। जिसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पहुंचने की स्वीकृति दी है।
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