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शपथ से पहले शैक्षिक योग्यता पर उठाए सवाल

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46-कलायत। प्रैसवार्ता में दस्तावेज दिखाते आजाद उम्मीदवार कर्ण सिंह व हरिपाल फौजी - फोटो : Kaithal
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कलायत। राजौंद नगर पालिका चुनाव में नवनिर्वाचित चेयरपर्सन बबीता की शपथ से पहले ही उनकी शैक्षणिक योग्यता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। डॉ. भीम राव आंबेडकर धर्मशाला में रविवार को चुनाव के दौरान प्रधान पद के उम्मीदवार रहे आजाद उम्मीदवार कर्ण सिंह, आजाद उम्मीदवार हरिपाल फौजी व सलिंद्र कुमार ने शैक्षणिक व चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत कुछ अन्य दस्तावेजों को फर्जी करार दिया। आरोप लगाते हुए कहा कि हकीकत में अध्यक्ष पांचवीं तक भी नहीं पढ़ी हैं।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नामांकन फार्म में दसवीं कक्षा की जो मार्कशीट इस्तेमाल की गई, उसे उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद ने आठ अगस्त 2020 को प्रयागराज से जारी किया गया। अंक तालिका के अनुसार परीक्षा का आयोजन अप्रैल 2020 में दर्शाया गया है जबकि इस समय अवधि में वैश्विक कोरोना काल के दौरान देश भर में स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रहे थे। देश के सभी राज्यों ने महामारी के इस संकट काल के दौरान परीक्षाएं आयोजित नहीं की। उन्होंने कहा कि विद्यालय की तरफ से जारी अंक तालिका का कोई अस्तित्व उत्तर प्रदेश के शिक्षा बोर्ड के रिकॉर्ड में नहीं है।
दावा किया कि जांच-पड़ताल कर उन्होंने यह पूरी जानकारी स्वयं जुटाई है। उन्होंने कहा कि जिस मुक्त विद्यालय परिषद ने अंक तालिका जारी की है, उसके खिलाफ पहले से ही फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने की कार्रवाई यूपी सरकार कर चुकी है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल, राज्य चुनाव आयोग पंचकूला, एफसीआर हरियाणा व मुख्य सचिव से भी शिकायत की है। डीएमसी के अलावा चेयरपर्सन के दो जगह के वोटर कार्ड, राशन कार्ड व अन्य दस्तावेजों के संबंध में भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाएं।
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गौरतलब है कि राजौंद नगर पालिका से अध्यक्ष निर्वाचित हुई बबीता का मायका जिला पानीपत के एक गांव में है। नपा प्रधान चुनाव में आजाद उम्मीदवार रहे कर्ण सिंह व हरिपाल फौजी का कहना है कि जब उन्होंने गांव में इनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी जुटाई तो पता चला कि बबीता केवल तीसरी या चौथी कक्षा तक ही पढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
बबीता के पति ने आरोपों को निराधार बताया
वहीं राजौंद नगर पालिका अध्यक्ष के पति नरेंद्र कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को आरोप और अपनी बात कहने का अधिकार है। उनकी पत्नी और राजौंद की अध्यक्ष बबीता की शैक्षणिक योग्यता व अन्य दस्तावेजों के संबंध में लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं। उधर, कलायत एसडीएम एवं राजौंद नगर पालिका चुनाव रिटर्निंग आफिसर सुशील कुमार ने बताया कि चुनाव के दौरान सभी उम्मीदवारों के दस्तावेजों की सिलसिलेवार गहनता से जांच की गई। उस समय कुछ लोगों ने इस संदर्भ में आपत्ति जताई थी। नामांकन फार्म के साथ इस्तेमाल की गई अंक तालिका दूसरे दस्तावेजों के साथ चस्पा थी। यदि कोई शैक्षणिक योग्यता को लेकर शिकायत है तो नियम अनुरूप जांच होगी।
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