पूंडरी। नगरपालिका पूंडरी के इतिहास में अबकी पहली बार सीधे जनता अध्यक्ष चुनेगी। इस समय नगर पालिका में 16 वार्ड हैं। वार्ड-11 में महिला और पुरुष मतदाताओं की संख्या जहां बराबर है वहीं वार्ड-एक में सबसे कम तो वार्ड-15 में सबसे ज्यादा मतदाता हैं।
गौरतलब है कि अध्यक्ष पद के लिए हो रहे सीधे चुनाव को लेकर मतदाताओं में उत्साह है। पूंडरी के मतदाताओं के लिए यह बिल्कुल नया अनुभव रहेगा। इससे पहले जहां सभी का अपने वार्ड को जीतने का रहता था, लेकिन इस बार पूंडरी में पार्षद के चुनाव की कम ही चर्चा सुनी जा रही है। हर गली व हर मोहल्ले में अध्यक्ष पद की हो बात हो रही है।
पूंडरी नगरपालिका में इस चुनाव से पूर्व 13 वार्ड थे लेकिन अबकी तीन वार्ड बढ़ गए हैं। आंकड़ों की बात करें तो पूंडरी के वार्ड नंबर-एक में सबसे कम 674 मतदाता हैं तो वहीं वार्ड नंबर 15 में 1311 मतदाता हैं। वैसे तो पूंडरी के सभी 16 वार्डों में महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की संख्या अधिक है, लेकिन वार्ड नंबर-11 में 464-464 बराबर के अनुपात में पुरुष व महिलाएं हैं।
इस वार्ड में सहमति बन चुकी है। ऐसे में इस वार्ड में मतदान के प्रति उत्साह कम भी होने की संभावना है। चुनाव को लेकर नगर के हर खंभे व दीवार पर या प्रचार वाहन अध्यक्ष पद का प्रचार दिखाई व सुनाई पड़ रहा है।
अध्यक्ष पद बीसी बी के लिए आरक्षित होने से पूंडरी के अधिकतर सामान्य वर्ग से संबंध रखने वाले समाजसेवियों के कार्यालय, जो पूंडरी की जनता के लिए खुले रहते थे, वे अभी बंद पड़े हुए हैं और वे खुद भी लोगों के बीच कम ही दिखाई पड़ रहे हैं। बीसी बी में आरक्षित होने से पूर्व रोड व पंजाबी समाज के दर्जन भर अध्यक्ष पद के दावेदार थे।
इनमें रोड समाज के पूर्व अध्यक्ष महावीर सिंह, पूर्व पार्षद मुलतान गोलन, रोबिन गोलन व पंजाबी समाज से पूर्व अध्यक्ष रामप्रकाश गोगी मुख्य थे। अब बीसी बी में जाने से बीसी बी का पूंडरी मेंं सबसे बड़ा वर्ग सैनी समाज का है। जबकि गुर्जर, यादव समाज के मतदाता नहीं हैं।
पूंडरी में सैनी समाज के बाद गोस्वामी समाज के 300 के लगभग मतदाता हैं। पूंडरी में अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों में दो सैनी समाज तो गोस्वामी समाज से बबली चुनाव लड़ रही है।
पूंडरी नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए तीन प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें भाजपा से ममता सैनी, बबली गोस्वामी व गुड्डी देवी निर्दलीय के तौर चुनाव लड़ रही हैं।
पूंडरी के लोगों की मानें तो भाजपा को पार्षद पद के प्रत्याशी सिंबल पर नहीं उतारने चाहिए थे। लोगों की मानें तो उनका कहना है कि पार्षद का चुनाव आपसी भाईचारे का चुनाव होता है। बेशक अध्यक्ष पद सिंबल पर लड़ सकती है। बताया जा रहा है कि विधायक सतपाल जांबा के मांग पर पूंडरी के सभी वार्डों में सिंबल पर चुनाव लड़ाया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि भाजपा के कितने पार्षद चुनाव जीत कर आते हैं। संवाद