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Kaithal News: जिले में पल्स पोलियो अभियान शुरू, पहले दिन 61 हजार 900 बच्चों को पिलाई गई पोलियो रोधी खुराक

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सिविल सर्जन डॉ. रेणु चावला नन्हे बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाकर अभियान की शुरुआत क
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कैथल। जिले में तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजौंद से किया गया। सिविल सर्जन डॉ. रेणु चावला ने नन्हे बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाकर अभियान की शुरुआत की। अभियान के पहले दिन जिलेभर में 61 हजार 900 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने इसे सफल शुरुआत बताते हुए शेष बच्चों तक भी हर हाल में पहुंचने का लक्ष्य रखा है।
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सिविल सर्जन डॉ. रेणु चावला ने बताया कि भारत वर्ष 2014 से पोलियो मुक्त है लेकिन पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अब भी पोलियो वायरस के मामले सामने आने के कारण सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को हर बार पोलियो की खुराक पिलाना जरूरी है, ताकि देश पोलियो मुक्त बना रहे।
27 मोबाइल टीमें कर रही काम
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिले में 619 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा झुग्गी-झोपड़ियों, ईंट-भट्टों, निर्माणाधीन भवनों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक पहुंचने के लिए 27 मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य ट्रांजिट स्थलों पर आने-जाने वाले बच्चों को दवा पिलाने के लिए 41 ट्रांजिट टीमें भी लगातार कार्य कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के पहले दिन बूथों पर बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे। पूरे जिले में 61 हजार 900 बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाई गई। विभाग का प्रयास है कि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नवराज सिंह, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. संदीप सिंह और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजौंद का चिकित्सा व स्वास्थ्य स्टाफ उपस्थित रहा।
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आज और कल दो दिन और चलेगा अभियान
डॉ. रेणु चावला ने बताया कि अभियान के दूसरे और तीसरे दिन 29 व 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश पहले दिन बूथों तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि स्वास्थ्य कर्मी उनके घर पहुंचें तो वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं। उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय-समय पर पोलियो रोधी खुराक पिलाना है। हर बच्चे की भागीदारी से ही पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को स्थायी बनाए रखा जा सकता है।

सिविल सर्जन डॉ. रेणु चावला नन्हे बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाकर अभियान की शुरुआत क

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