संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। नगर पालिका सीवन में उपाध्यक्ष पद पर इन दिनों जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। नगर के 16 वार्डों से चुने गए पार्षदों के बीच यह पद प्रतिष्ठा, प्रतिनिधित्व और प्रभाव का केंद्र बन चुका है। चर्चा है कि नगर पालिका का नया उपाध्यक्ष कौन बनेगा। क्या यह चुनाव टकराव का रूप लेगा या फिर सर्वसम्मति से किसी एक नाम पर मुहर लगेगी?
नगरपालिका की बैठकों में कई बार प्रयास किए गए कि उपाध्यक्ष पद सर्वसम्मति से तय किया जाए, लेकिन अब तक किसी भी नाम पर सहमति नहीं बन पाई है।
भाजपा का जोर और राजनीतिक समीकरण ः नगरपालिका चुनाव में अध्यक्ष पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। इस पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। अब भाजपा संगठन उपाध्यक्ष पद को अपने पक्ष में रखने के लिए हर संभव रणनीति अपना रहा है। नगर पालिका में कुल 18 पार्षद हैं, जिनमें सात महिलाएं और नौ पुरुष शामिल हैं। इनमें छह पार्षद अनुसूचित जाति, चार ओबीसी और छह सामान्य वर्ग से हैं। इसके अलावा 2 पार्षद सरकार द्वारा मनोनीत हैं।
नगर में चर्चा है कि यदि सभी पार्षद एकजुट होकर किसी एक नाम पर सहमति बना लें तो सीवन नगर पालिका एकता और सौहार्द की मिसाल कायम कर सकती है। लेकिन यदि दावेदारों के बीच समझौता नहीं हुआ तो यह चुनाव न केवल रोचक बल्कि संघर्षपूर्ण भी साबित हो सकता है।
17 सदस्य करेंगे मतदान
उपाध्यक्ष पद के लिए कुल 17 सदस्य मतदान करेंगे, जिसमें अध्यक्ष भी शामिल हैं। राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए अधिकांश पार्षद भाजपा विचारधारा से जुड़े हैं, इसलिए पार्टी का पलड़ा भारी माना जा रहा है।
विकास शर्मा (वार्ड 13)
अधिवक्ता विकास शर्मा उपाध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं। उन्होंने लंबे समय से युवाओं के साथ सामाजिक मुद्दों पर काम किया है।
संजय कंसल (वार्ड 1)
यदि उपाध्यक्ष पद सामान्य वर्ग को जाता है तो संजय कंसल मजबूत दावेदार हैं। वह श्री बाबा खाटू श्याम परिवार के प्रधान हैं।
मोंटी कामरा (वार्ड 12)
मोंटी कामरा महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी के करीबी और श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति से जुड़े हैं। नगर के धार्मिक आयोजनों, भंडारों और सेवा कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी है।
जितेंदर शर्मा (वार्ड 15)
जितेंदर शर्मा भी उपाध्यक्ष पद की दौड़ में पीछे नहीं हैं। उनकी मिलनसार छवि, अच्छे व्यक्तिगत रिश्ते और क्षेत्र में मजबूत पकड़ उन्हें प्रभावशाली बनाती है।
राम दास (वार्ड 14)
राम दास आर्य भी इस दौड़ में आगे हैं। उनका सेवा भाव और सामाजिक व धार्मिक कार्यों में रुचि उन्हें दावेदार बनाती है।