जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी में हुए उपद्रव को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट नजर आ रहा है। शुक्रवार को आंदोलन की आशंका के मद्देनजर प्रशासनिक अधिकारियों ने कैथल, कलायत व पूंडरी का निरीक्षण किया। वहीं संभावित आंदोलन स्थलों को लेकर संवेदनशील प्वाइंट्स चिन्हित करते हुए प्लानिंग की। तीनों शहरों में बीएसएफ को तैनात कर दिया गया है। शुक्रवार सुबह आईजी ओपी सिंह के साथ लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में बैठक करने के बाद आईजी ओपी सिंह, डीसी निखिल गजराज, एसपी सुमित कुमार, सीटीएम नवीन आहुजा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल के साथ कैथल शहर से होते हुए कलायत पहुंचे।
जहां उपद्रव की स्थिति में आवश्यक संवेदनशील प्वाइंट्स को लेकर विशेष प्लानिंग की गई। कलायत में लोगों से मुलाकात करने के बाद काफिला पूंडरी पहुंचा। जहां आवश्यक प्लानिंग के साथ-साथ प्रशासन की अब तक की तैयारियों की समीक्षा की। सभी पुलिस नाकों पर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती बढ़ा दी गई है। इस निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि जिले में कहीं भी जाम की स्थिति न बनें। जाम लगने से रोकने को लेकर प्रशासनिक अमले में भारी पुलिस बल साथ-साथ रहा।
संवेदनशील प्वाइंट्स की पहचान की
अधिकारियों ने जिले भर में संवेदनशील प्वाइंट्स की पहचान कर ली है। जहां-जहां आंदोलन के दौरान जाम लग सकता है, उन प्वाइंटस की पहचान करते हुए वहां फोर्स की तैनाती से लेकर अन्य आवश्यक उपायों की भी प्लानिंग की जा रही है। इन प्वाइंटस में कलायत, पूंडरी के अलावा कैथल में तितरम मोड, जींद रोड बाईपास एवं करनाल रोड बाईपास चौक शामिल हैं।
बीएसएफ के जवान तैनात किए
शुक्रवार सांय तक कलायत, पूंडरी व कैथल में अलग-अलग जगहों पर बीएसएफ की कंपनी में पहुंचे जवानों को तैनात कर दिया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार पुलिस एवं बीएसएफ को किसी भी स्थिति में जाम न लगने देने, उपद्रव को रोकने एवं लोगों के नुकसान न होने देने बारे स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।
रासुका के तहत संभावित लोगों की हो रही है सूची तैयार
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिले में उन लोगों की संभावित सूची तैयार की जा रही है। जिन्हें जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है। इस कानून में जिला उपायुक्त को विशेष अधिकार दिए गए हैं। जिसमें वे उन लोगों को गिरफ्तार करने के आदेश दे सकते हैं, जिनके कारण देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। इस एक्ट के तहत गिरफ्तार होने वाले लोगों की कई माह तक जमानत भी संभव नहीं है।
जिले में अलर्ट मोड में फोर्स
एसपी सुमित कुमार ने कहा कि जिले में फोर्स अलर्ट मोड में है। यहां बीएसएफ की कंपनी भी पहुंच गई है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए फोर्स की संख्या पर्याप्त है। गांव दर गांव लोगों से संपर्क कर शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।
जिले भर में आंदोलन की स्थिति में कानून व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने के लिए हर तरह की संभावनाओं पर विचार किया गया है। कैथल, कलायत व पूंडरी में संवेदनशील स्थलों का दौरा कर सभी तरह के उपायों की तैयारी की गई है। जिले में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। लोगों से आपसी तालमेल एवं शांति बनाए रखने की अपील है।
निखिल गजराज, डीसी, कैथल।
सरकार की अपील पर जाटों ने आंदोलन को दस दिनों तक कोई धरना, प्रदर्शन न करने का फैसला लिया है। 29 मार्च के बाद यदि जरूरत पड़ी तो फिर से विचार-विमर्श करके नई रणनीति तैयार की जाएगी। फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। इसी बीच केंद्रीय कमेटी का जो भी आदेश होगा, उसी अनुसार कार्रवाई चलेगी। सरकार से मांग है कि सहमति के अनुसार सरकार अपने वायदे को पूरा करे।
बलवान कोटड़ा, नेता, जाट आरक्षण संघर्ष समिति।