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Kaithal News: हनुमान वाटिका में डटे रहे राजपूत समाज के लोग

Thu, 20 Jul 2023 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कमल बहल
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कैथल। सम्राट मिहिर भोज को गुर्जर समाज से बताने पर हुए बवाल से पहले जिला प्रशासन राजपूत समाज को नहीं मना पाया। यदि समाज के लोगों को प्रशासनिक अधिकारी मना लेते तो यह बवाल शायद न होता। मान-मन्नौवल में प्रशासन को खूब पसीना बहाना पड़ा। असफल होने पर हंगामा हो गया। समाचार लिखे जाने तक हनुमान वाटिका में समाज के लोग डटे रहे।

दूसरी ओर तनाव को देखते हुए ढांड रोड स्थित सभी स्कूलों में प्रशासन ने छुट्टी घोषित कर दी। जिला शिक्षा अधिकारी रवींद्र चौधरी ने देर रात यह जानकारी दी। उधर, इस प्रकरण के तहत दिनभर बवाल हुआ और रात तक राजपूत समाज के लोग सड़कों पर डटे रहे।
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गौरतलब है कि राजपूत समाज के लोगों ने सुबह से ही उस चौक तक कूच करने की रणनीति बना ली थी, जहां सम्राट की नई प्रतिमा लगाई गई है। उनकी जिद थी कि सम्राट के नाम के आगे से गुर्जर शब्द हटाया जाए। पहले तो राजपूत समाज के सभी लोग बुधवार सुबह के समय ही हनुमान वाटिका में एकत्रित हो गए थे। इसी समय समाज के लोगों की रणनीति चौक तक कूच करने की थी, लेकिन प्रदर्शन की रहनुमाई कर रहे समाज के लोगों ने डीसी जगदीश शर्मा से मुलाकात करने का फैसला लिया।

इसके तहत ही समाज के लोग भारी संख्या में सचिवालय परिसर में पहुंच गए थे। उनकी डीसी जगदीश शर्मा से मुलाकात तो हुई, लेकिन इस मामले में कोई बात नहीं बन पाई। डीसी ने समाज के लोगों से कहा कि वे कानून व्यवस्था किसी भी हालत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। उनके लिए सभी वर्ग और समाज के लोग एक समान हैं। वे इस मामले में बीच का रास्ता निकालेंगे।

इस आश्वासन पर भी लोग नहीं माने। इसके बाद वे सचिवालय परिसर में ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान समाज के लोगों के साथ वहीं कई दौर की बैठकें भी हुईं। फिर भी कोई नतीजा नहीं निकला। नतीजा न निकलने पर धरने पर बैठे लोग खफा हो गए और करनाल रोड के रास्ते कुरुक्षेत्र बाइपास की तरफ बढ़ने लगे। बस स्टैंड के बाहर पुलिस की तरफ से लगाए गए नाके को तोड़कर प्रदर्शनकारी आगे बढ़ गए।

इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बस को भी घेर लिया। इसके बाद डीसी आवास के समीप चौक पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। यहां पर तीन ड्यूटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम संजय, गुहला डीएसपी सुनील, डीएसपी सज्जन, डीएसपी उम्मेद सिंह, डीएसपी ललित सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी शामिल रहे। चौक को छावनी में तब्दील कर दिया। वहीं, गुर्जर समाज के लोगों ने इस प्रकरण पर शांति बनाए रखी और दोनों समाज के लोगों से शांति की अपील भी की।

यहां पर गुहला के डीएसपी सुनील कुमार ने अनाउसमेंट करके प्रदर्शनकारियों को वापस लौटने की चेतावनी दी, लेकिन प्रदर्शनकारी पुलिस को चकमा देकर वहीं मौजूद एक पार्क और इसके साथ लगते रास्ते से चौक की तरफ दौड़ पड़े। इसी दौरान पुलिस ने तुरंत व्यवस्था संभालते हुए प्रदर्शनकारियों पर पुलिस लाइन के बाहर हल्का बल प्रयोग किया और
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वहां से खदेड़ते हुए हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

एक बार तो प्रशासनिक अधिकारियों की सांसें फूल गई। फिर एसडीएम संजय ने प्रदर्शनकारियों को यहां से 10 मिनट में वापस जाने का अल्टीमेटम दिया। फिर भी प्रदर्शनकारी नहीं माने और चौक की तरफ जाने के लिए प्रयास करते नजर आए। इसी बीच प्रदर्शनकारियों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने आंसू गैस के गोले छोड़ने के आदेश दिए। पुलिस ने एक आंसू गैस का गोला छोड़ा और प्रदर्शनकारियों की भीड़ तितर-बितर हो गई। इसके बाद 90 से अधिक प्रदर्शनकारियों को सरकारी बसों में बैठा हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी वापस डीसी आवास की तरफ वापस लौट गए। कुछ देर तक तो प्रदर्शनकारी वहां बैठे, लेकिन बाद में वहां से चले गए। संवाद
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