संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। करनाल मंडल के आयुक्त पीसी मीणा ने आंधली गांव की सरपंच परमजीत कौर के निलंबन आदेशों पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अब परमजीत कौर पुनः सरपंच के पद पर बनी रहेंगी।
इससे पहले कैथल उपायुक्त ने 19 मार्च 2025 को जारी आदेशों में सरपंच को निलंबित करते हुए मामले की जांच के लिए एडीसी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। इन आदेशों के खिलाफ सरपंच ने मंडलायुक्त के समक्ष अपील दायर की।
प्रारंभिक सुनवाई के आधार पर मंडलायुक्त ने 26 मार्च 2025 को निलंबन पर अंतरिम रोक लगाते हुए साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद उपायुक्त प्रीति ने 3 जून 2025 को अपने पूर्व आदेश को जस का तस बरकरार रखते हुए नियमित जांच के निर्देश दिए।
इस पर सरपंच ने दोबारा अपील करनाल मंडलायुक्त के समक्ष की, लेकिन आयुक्त के विदेश दौरे और ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते सुनवाई नहीं हो सकी और अगली तिथि 17 जुलाई निर्धारित कर दी गई। इस बीच सरकार ने करनाल मंडलायुक्त का कार्यभार रोहतक मंडलायुक्त को सौंप दिया, परंतु व्यस्तता के कारण तत्काल सुनवाई संभव नहीं हो पाई।
गौरतलब है कि परमजीत कौर पर आरोप था कि उन्होंने अपने पिता के मोबाइल नंबर का उपयोग ओटीपी के लिए कर पंचायत कार्य में अनियमितता की और निजी लोगों के रास्तों को पक्का करवाकर पंचायत फंड का दुरुपयोग किया।
सफाई में परमजीत कौर कहा था कि गांव की गुटबाजी के कारण कुछ लोगों ने झूठी शिकायतें की हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन निष्पक्ष जांच करेगा और उन्हें न्याय मिलेगा।
हाईकोर्ट की दखल के बाद मिली अंतरिम राहत
सरपंच परमजीत कौर ने सुनवाई में देरी के चलते पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका संख्या 18170/2025 दाखिल की। न्यायमूर्ति सर्वेश्वर ठाकुर और न्यायमूर्ति विकास सूरी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की त्वरित सुनवाई की अर्जी पर निर्देश दिया कि यदि सरपंच जल्दी सुनवाई का आवेदन करती है, तो उस पर तीन दिन में निर्णय लिया जाए।