कैथल। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कैथल में सभी रजिस्ट्री कार्यालय सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं और पेपरलेस रजिस्ट्री सेवा को कहीं भी स्थगित नहीं किया गया है। एक नवंबर से शुरू की गई यह प्रणाली अब पूरी तरह से सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
उपायुक्त प्रीति ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम का उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। नए प्रावधानों के तहत विभाग को आवेदकों
द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के लिए पांच कार्य दिवसों की समयसीमा निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्यव्यापी शुरुआत से पहले विभाग ने इसका पायलट प्रोजेक्ट चलाया था, जिसके दौरान तकनीकी और प्रक्रियात्मक कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया गया। सफल परीक्षणों के बाद इसे पूरे हरियाणा में लागू किया गया है।
डीसी प्रीति ने कहा कि किसी भी नए सिस्टम की तरह प्रारंभिक चरण में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन इसके लिए व्यापक शिकायत निवारण तंत्र तैयार किया गया है, ताकि नागरिकों की शिकायतों और सुझावों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। नागरिकों और अधिकारियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर कई सुधार भी किए गए हैं। संवाद
उन्होंने बताया कि हाउसिंग बोर्ड और एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) से जुड़े मामलों में अब खेवट-खतौनी की आवश्यकता नहीं होगी। पंजीकरण नगर निकायों द्वारा जारी प्रॉपर्टी आईडी के माध्यम से किया जा रहा है। लाइसेंस नंबर दर्ज करते ही संबंधित डाटा स्वतः सिस्टम में प्रदर्शित हो जाता है। पुराने शहर क्षेत्रों में खेवट-खसरा कॉलम हटा दिए गए हैं, जिससे नागरिक अगले कार्य दिवस से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
डीसी ने बताया कि लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों का डाटा शहरी स्थानीय निकायों से लिंक कर दिया गया है, जिससे समन्वय और मंजूरी प्रक्रिया में तेजी आई है।
उन्होंने आगे कहा कि पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड सीमा 10 एमबी से बढ़ाकर 40 एमबी कर दी गई है। साथ ही नया फीचर ‘रिवर्ट विद ऑब्जेक्शन’ जोड़ा गया है, जिसके तहत आवेदक अपने दस्तावेजों में सुधार कर बिना अतिरिक्त शुल्क के पुनः अपलोड कर सकते हैं, बशर्ते प्रारंभिक जानकारी गलत न दी गई हो।
डीसी ने बताया कि जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) की सुविधा पहले की तरह उपलब्ध है और इसे और सरल बनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोकेशन डाटा सटीक है, फिर भी किसी विसंगति की स्थिति में नागरिक हेल्पडेस्क के माध्यम से सुधार की रिपोर्ट कर सकते हैं।