फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंडी में धान खरीद धीमी, नाराज किसानों ने लगाया जाम

विज्ञापन
Paddy procurement slow in the market, angry farmers jammed - फोटो : Kaithal
विज्ञापन
चीका और कैथल के राइस मिलर्स के बीच चल रहे विवाद के कारण कैथल अनाज मंडी में धान की खरीद सुचारु रूप से न होने से नाराज किसानों ने शुक्रवार सुबह जाम लगा दिया। रेलवे ओवर ब्रिज के निकट और विस्तार अनाज मंडी के बाहर जींद रोड पर जाम लगाया गया, जिसमें से शाम चार बजे ओवरब्रिज के निकट का जाम तो तहसीलदार ने आश्वासन देकर खुलवा दिया, लेकिन चीका मिलर्स को खरीद की अनुमति देने की मांग पर अड़े किसान विस्तार अनाज मंडी के बाहर जाम पर डटे रहे और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, जाम जारी रखने की बात कही है।
विज्ञापन

दूसरी ओर दिन भर डीसी के साथ चीका, कैथल के मिलर्स, आढ़ती एसोसिएशन सहित अधिकारियों की बैठकों का दौर जारी रहा। सायं छह बजे तक भी कोई समाधान नहीं निकला था। दरअसल सीजन की शुरूआत के समय में ही चीका के मिलर्स को खरीद की अनुमति दी गई थी। करीब सप्ताह भर अनुमति के बाद अचानक चीका के मिलर्स की खरीद बंद कर दी गई। इसके बाद किसानों ने आरोप लगाया कि कैथल के मिलर्स पूरी कीमत नहीं दे रहे हैं और एमएसपी से 200 रुपये तक कम प्रति क्विंटल दाम दिए जा रहे हैं। इस मामले की शिकायत राज्यमंत्री कमलेश ढांडा तक भी पहुंची।
जबकि कैथल मिलर्स का कहना है कि जो धान पूरी तरह से सूखा हुआ है, उसकी खरीद की जा रही है। नमी युक्त धान की वे खरीद नहीं कर सकते। कम कीमत पर धान खरीदने का सवाल ही पैदा नहीं होता। जबकि किसान सरेआम बता रहे हैं कि उनकी धान या तो बिक ही नहीं रही, या फिर 1960 की बजाए 1800, 1850 या इससे भी कम प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जा रही है।
विज्ञापन

शुक्रवार को 11 बजे तक खरीद न होने पर भड़के किसानों ने जाखौली अड्डा पर ओवरब्रिज के निकट व विस्तार अनाज मंडी के बाहर जींद रोड पर जाम लगा दिया। जाखौली अड्डा पर शाम चार बजे तक जाम जारी रहा। तहसीलदार सुदेश मेहरा लगातार जाम खुलवाने का प्रयास करतीं रहीं।
वहीं डीसी कार्यालय में भी रिपोर्ट देती रहीं। आखिरकार वे शाम चार बजे जाखौली अड्डा पर लगे जाम को आश्वासन देकर खुलवाने में सफल रहीं। इसके बाद वे विस्तार अनाज मंडी जींद रोड पर पहुंची। जहां भाकियू नेता होशियार प्यौदा, महावीर नरड़ सहित अन्य किसानों की अगुवाई में सायं छह बजे तक भी जाम जारी रहा।
मांग नहीं सुनी तो तितरम मोड़ पर भी लगाएंगे जाम
होशियार प्यौदा ने कहा कि जब तक प्रशासन चीका के मिलर्स की खरीद की अनुमति नहीं देता, तब तक उनका जाम जारी रहेगा। उन्होंने भी डीसी से बात की थी। यदि जल्द उनकी मांग नहीं सुनीं गई तो तितरम मोड़ पर भी जाम लगाएंगे।
तहसीलदार सुदेश मेहरा ने कहा कि एक जगह जाम खुलवा दिया है। दूसरी जगह की रिपोर्ट डीसी को दे दी गई है। डीसी कार्यालय में बैठक चल रही है। जैसे ही कोई आश्वासन मिलता है, उसी अनुसार किसानों को अवगत करवा दिया जाएगा।
जाम के कारण जींद रोड पर दिन भर यातायात प्रभावित रहा। रोडवेज की बसों को बस अड्डे पर जाने के लिए शहर के अंदर से आना पड़ता है। शेष ट्रैफिक तो बाईपास से निकल जाता है। जिस कारण बसों को पास के गांवों से निकाला गया। लोगों को जाम के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन सात घंटे लगे जाम के बावजूद कोई संज्ञान लेता हुआ नजर नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें