कैथल। जिला रोजगार कार्यालय के माध्यम से संचालित सक्षम युवा योजना में हुई वित्तीय गड़बड़ी के मामले में अब विभाग मुख्यालय ने दोषियों पर कार्रवाई का फैसला किया है। प्रकरण में केस दर्ज कर साइबर एक्सपर्ट्स से जांच करवाने के बाद दो मुख्य आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश जिला रोजगार अधिकारी को दिया है। इस आशय का पत्र रोजगार विभाग को भेजा गया है।
गौरतलब है कि जिला रोजगार कार्यालय में पिछले वर्ष गड़बड़ी उजागर हुई थी कि कुछ लोगों ने पात्र युवाओं के कागजात का सहारा लेकर युवाओं को दी जाने वाली राशि को अपने खातों में जमा करवा ली थी। मामला उजागर हुआ तो विभागीय स्तर पर प्रारंभिक जांच के बाद आरोपियों ने कुछ राशि विभागीय खातों में जमा भी करवाई। डीसी प्रदीप दहिया ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए विभाग को जांच के लिए लिखा था। डीसी की सख्ती के चलते सीएससी योजना के जिला प्रभारी ने पद भी छोड़ दिया था। इसके बाद विभाग के दो अधिकारियों और जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश को डीसी प्रतिनिधि के रूप में जांच टीम में शामिल किया गया। टीम ने भी नवंबर 2021 में अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। अब विभाग के निदेशक ने एफआईआर दर्ज करवाने के लिए पत्र जारी किया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार विभाग के निदेशक ने जिला रोजगार अधिकारी कैथल को जारी किए गए पत्र में कहा है कि 24 अगस्त 2021 के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित समाचार बेरोजगारी भत्ता और सक्षम युवा योजना में गड़बड़झाला के बारे में आदेश दिया जाता है आप योजना में अनियमितता के कारण कुतुबपुर निवासी वसीम अहमद और समीर अहमद एवं अन्य संबंधित व अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर विभाग को सूचित करें।