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Kaithal News: सीवन में काॅलेज नहीं, छात्र परेशान

Tue, 12 Nov 2024 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सीवन। जिले के सबसे बड़े नगर सीवन में कोई कॉलेज न होने के कारण हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए सीवन से दूर गुहला-चीका, कैथल सहित अन्य बड़े शहरों में प्रतिदिन बसों में जाना पड़ता है। इस कारण छात्र-छात्राओं का समय खराब होता है, साथ में छात्र-छात्राओं पर आर्थिक बोझ भी पड़ता है।

गुहला-चीका से कई विधायक बने लेकिन किसी भी विधायक ने सीवन की वर्षों पुरानी मांग नगर में कॉलेज बनवाने का काम किसी ने भी सिरे नहीं चढ़ाया। कॉलेज के लिए नगर से बाहर जाने की हजारों छात्र-छात्राओं की समस्या जस की तस है। लोगों का कहना है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी तो प्रदेश में भाजपा की नायब सरकार है। सीवन के छात्र रोहित, गौरव, सुनील, अजय, लव सैनी, साहिल तथा छात्रा पिंकी, ज्योति, कोमल, लक्ष्मी, दीपिका, मोनिका, प्रियंका, रानी, सुमन, सिमरन, डिंपल आदि छात्राओं ने मांग की है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी सीवन नगर की वर्षों पुरानी मांग सीवन में कॉलेज बनवाने का काम पूरा करें, ताकि उन्हें हो रही परेशानी से निजात मिल सके।
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गौरतलब है कि सीवन नगर में कॉलेज न होने के कारण कई गरीब माता-पिता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए सीवन नगर से बाहर नहीं भेज पाते और उनकी पढ़ाई का जो सपना होता है वह अधूरा रह जाता है। इनमें अधिकतर संख्या लड़कियों की होती है। नगर में कॉलेज न होने के कारण अधिकतर लड़कियों की शिक्षा अधूरी रह जाती है। वह 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए नगर से बाहर नहीं जा पाती हैं।

बसों में सफर करना मुश्किल- विद्यार्थी : सीवन से छात्र रोहित, गौरव, सुनील, अजय, लव सैनी, साहिल तथा छात्रा पिंकी, ज्योति, कोमल, लक्ष्मी, दीपिका, मोनिका, प्रियंका, रानी, सुमन, सिमरन, डिम्पल आदि छात्राओं ने कहा कि विद्यार्थियों व अन्य यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण बसों में सफर करना बहुत मुश्किल होता है। सुबह के समय ही विद्यार्थियों को स्कूल कालेजों के लिए जाना पड़ता है और उसके साथ अन्य लोगों को भी अपने अपने काम के लिए भी सुबह ही निकलना होता है। ऐसे में बसों की संख्या कम होने और यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण समस्या बढ़ जाती है।

बहुत बार बसों में भीड़भाड़ होने के कारण छात्र छात्राओं को अगली बस का इंतजार भी करना पड़ता है जिससे उन्हें कालेज पहुंचने में देरी भी हो जाती है और उनकी शिक्षा का नुकसान भी होता है। यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें भीड़-भाड़ में ही बसों में खड़े होकर सफर करना पड़ता है, जिस कारण उन्हें बसों में हजारों परेशानियों से गुजरना पड़ता है।
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विद्यार्थियों की मांग ः सुबह बढ़ाएं बसों की संख्या

कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं व अन्य यात्रियों ने बताया कि सुबह के समय बसों में यात्रा करने वाले विद्यार्थियों व आमजन की संख्या अधिक होती है और बसों की संख्या काफी कम होती है, जिस कारण सबों में खड़े होकर सफर करना पड़ता है। इनमें अधिक परेशानी छात्राओं को होती है। पहले सरकार ने महिलाओं के लिए सुबह के समय विशेष बस चलाई थी परंतु इसे बंद कर दिया गया। इससे छात्राओं की परेशानी बढ़ गई है। सरकार व प्रशासन को चाहिए कि सुबह के समय बसों की संख्या बढ़ाए ताकि आमजन सहित विद्यार्थियों को कोई परेशानी न हो।
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