संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद भी उत्तर हरियाणा का नेकलेस कहे जाने वाले चीका से यमुनानगर एक्सप्रेस-वे का निर्माण ठंडे बस्ते में हैं। यह परियोजना अभी तक केवल कागजों में सिमट कर रह गई है। इस कार्य को केंद्र की तरफ से वर्ष 2022 की अगस्त में स्वीकृति मिली थी, लेकिन पूरे दो साल बीत जाने के बावजूद मार्ग निर्माण की कागजी प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई है।
गौरतलब है कि यह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जाने के लिए यह प्रदेश का महत्वपूर्ण मार्ग है, इसलिए जिले के लोग इस मार्ग का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाने की मांग कर रहे हैं।
परिवहन मंत्री दे चुके हैं मंजूरी
इस मार्ग के निर्माण कार्य को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अगस्त 2022 में मंजूरी दे दी थी, लेकिन एक बार चर्चा के बाद इस कार्य की प्रगति आगे नहीं बढ़ी है।
हालांकि इससे पूर्व कैथल जिले में तीन नेशनल हाईवे बन चुके हैं। इनमें हिसार-चंडीगढ़ वाया कैथल, इस्माइलाबाद-नारनौंद हाईवे के अलावा भारत माला प्रोजेक्ट के तहत जम्मू से कटरा नेशनल हाईवे भी कैथल जिले की सीमा से होकर निकलना है। अब नया एक्सप्रेस-वे स्वीकृत होने के बाद जिले के चारों ओर नेशनल हाईवे बन जाएंगे।
इस हाईवे के बनने से उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड जाने का लोगों को सीधा रास्ता तो मिलेगा ही, साथ में समय की भी बचत होगी। कई जिलों के साथ-साथ सैंकड़ों गांवों और कस्बे एक दूसरे से जुड़ेंगे। रोजाना हजारों की संख्या में उपरोक्त प्रदेशों में आने व जाने वाले यात्रियों को इस बड़ा लाभ होगा। इसके बनने से चीका क्षेत्र मालवा क्षेत्र से सीधा जुड़ जाएगा और चीका में विकास के साथ-साथ व्यापारिक दृष्टिकोण से भी लाभ होगा।
प्रदेश की बड़ी मार्बल मार्केट कहे जाने वाले चीका क्षेत्र से यह मार्ग गुजरेगा तो व्यापार के क्षेत्र में भी जिले का नाम देश में रोशन होगा। जिला आर्थिक स्थिति से भी सुदृढ़ होगा।
चीका से यमुनानगर एक्सप्रेस-वे बनाने को लेकर वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने मंजूरी जरूर दी थी, लेकिन अभी तक इस परियोजना पर विभाग की ओर से उन्हें कोई आदेश नहीं मिले हैं। जैसे ही कोई आदेश मुख्यालय स्तर पर होंगे तो निर्माण को लेकर आगामी कार्यवाही शुरू की जाएगी।
- वरुण कंसल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, कैथल।