संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग कैथल ने हनुमान वाटिका कैथल में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों के लिए योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इसमें जोड़ो के दर्द को कम करने के लिए गर्दन, कंधे, कमर और घुटनों के सूक्ष्म व्यायाम करवाए गए।
इसके साथ ही ताड़ासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन, वज्रासन, सेतुबंधासन, मकरासन, भुजंगासन व प्राणायाम जैसे अनुलोम विलोम, भ्रामरी, शीतली, कपालभाति और ध्यान का अभ्यास कराया गया।
योगाभ्यास कराने वालों में पतंजलि योग समिति के तहसील प्रभारी बीरभान कौशिक एवं आयुष योग सहायक संदीप तंवर, संजू आर्या, संदीप चहल और कनिका शामिल रहे। बीरभान कौशिक ने बताया कि महिलाओं को नियमित रूप से सेतुबंधासन, गोमुखासन, तितली आसन और कपालभाति, अनुलोम विलोम का अभ्यास करना चाहिए। इससे शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है और गर्भाशय संबंधी बीमारियों से राहत मिलती है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी शशी बाला ने कहा कि महिलाओं को अपनी दिनचर्या में योग को अवश्य शामिल करना चाहिए। वर्तमान में महिलाओं में गर्भाशय की रसौली और स्तन में गांठ जैसी बीमारियों की बढ़ोतरी हो रही है। इसलिए योग, सही दिनचर्या और सात्विक आहार के माध्यम से इन बीमारियों को होने से रोका जा सकता है।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया ने बताया कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए सभी विभागों के लिए योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि सभी पहले से प्रशिक्षित होकर 21 जून को एकरूपता के साथ योग अभ्यास कर सकें।
कलायत, राजौंद, पूंडरी, ढांड, सीवन, गुहला सहित छह खंडों और कैथल में 20 जून को जिला स्तरीय कार्यक्रम की पायलट रिहर्सल आयोजित की जाएगी और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा।
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