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Kaithal News: भूजल संरक्षण में सहायक है प्राकृतिक खेती - डाॅ. जसबीर

Wed, 19 Feb 2025 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला-चीका। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी की ओर से अटल भूजल योजना के तहत बीडीपीओ हॉल में प्राकृतिक खेती व उन्नत तकनीकों पर एक दिवसीय खंड स्तरीय किसान जागरूकता शिविर लगाया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. जसबीर सिंह व डाॅ. अमित कुमार ने शिरकत की। डाॅ. जसबीर ने कहा कि भूजल संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती सहायक है।

उन्होंने खेतीबाड़ी को लेकर चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ साथ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने को लेकर सरकार की ओर से दी जा रही आर्थिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि आज हमारे खेतों की मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर लगातार गिर रहा है। ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा 0.75 प्रतिशत से ऊपर होनी चाहिए, लेकिन गुहला में यह 0.3 प्रतिशत के आसपास जो की काफी कम है, लेकिन प्राकृतिक खेती से मिट्टी के साथ साथ हमारा स्वास्थ्य भी सुधरेगा। आज खाद, दवाई के बढ़ते उपयोग के चलते इसका असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि हमें लैंड लेजर लेवलर, टपका, फव्वारा, अंडरग्राउंड पाइपलाइन, फसल विविधिकरण व धान की सीधी बिजाई जैसे तरीके अपनाने की जरुरत है, ताकि गहराते जल संकट से निपटा जा सके। मिट्टी जांच लैब के कर्मचारी पूजा रानी व कुलदीप सिंह ने भूजल के महत्व पर एक स्किट की प्रस्तुति भी दी।

शिविर में विशेष अतिथि के रुप में एचडीओ डाॅ. रिचा मौजूद रहीं। उन्होंने बागवानी विभाग की स्कीमों के बारे में विस्तार से बताया। अटल भूजल योजना में आईईसी एक्सपर्ट विक्रम सिंह ने बताया कि आज पूरे हरियाणा में 85 से 90 प्रतिशत खेती भूजल पर निर्भर है। चिंता की बात ये है कि भूजल का दोहन लगातार बढ़ता जा रहा है। जबकि हमें भूजल प्रबंधन पर ध्यान देना होगा। अगर आज हमने इस संकट को गंभीरता से नहीं लिया तो कल पीने लायक भूजल भी उपलब्ध नहीं होगा। सहायक भूमि जल संरक्षण अधिकारी डाॅ. कुलदीप सिंह ने बताया कि जिले में कैथल अनाज मंडी सहित कलायत, गुहला, पाई, ढांड व पूंडरी में मिट्टी जांच हेतु लैब स्थापित की गई हैं। किसान यहां पर निशुल्क अपने मिट्टी व पानी की जांच करवा सकता है। सरकार इसको लेकर बहुत गंभीर है।

प्रगतिशील किसान और अशोक नेचुरल फार्म के मालिक मनोज करोड़ा ने बताया कि वे पिछले पांच साल से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। शुरुआत में मुश्किलें आती हैं, लेकिन आज वे कुछ ही एकड़ में प्राकृतिक खेती कर अन्य खेती के मुकाबले अच्छी कमाई कर रहे हैं।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी डाॅ. कुलदीप सिंह ने की। मंच संचालन अटल भूजल योजना के आईईसी एक्सपर्ट विक्रम सिंह ने किया। इस मौके पर एग्रीकल्चर इंस्पेक्टर मुकेश जांगड़ा, सहायक पंकज बंसल, अटल भूजल योजना में एग्रीकल्चर एक्सपर्ट विशाल कंबोज, ऑपरेटर विनय बंसल, ब्लाॅक आईईसी एक्सपर्ट डीआईपी शोभित अग्रवाल मौजूद रहे।
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