फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला

Fri, 15 Nov 2024 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला...। गुरु नानक ने सभी मनुष्यों को एक ही ईश्वर की संतान बताया है। वह जात-पात एवं धर्म में विश्वास नहीं करते थे और यही कारण है कि हर धर्म के लोगों ने उनका अनुसरण किया। जिलेभर में गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव की पूर्व संध्या पर वीरवार को भव्य कार्यक्रम आयोजित कर यही संदेश दिया गया।

इसी कड़ी में वीरवार को शहर में सिख समाज की तरफ से नगर कीर्तन निकाला गया। शहर के ऐतिहासिक गुरुद्वारा नीम साहिब व मंजी साहिब में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। गुरुद्वारों में शबद-कीर्तन गूंजते रहे। वहीं, संगत ने अपना शीश नवाया। नगर कीर्तन की अगुवाई परंपरागत वेशभूषा में सजे पंज प्यारों ने की। मुख्य आयोजन गुरुद्वारा नीम साहब में हुआ। सुबह शबद-कीर्तन और अरदास हुई।
विज्ञापन


इसके बाद संत महिंद्र सिंह ने नगर कीर्तन का शुभारंभ किया। नगर कीर्तन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को भव्य पालकी में सजाया गया था। नगर कीर्तन के आगे महिलाएं सफाई कर रही थी। पुरुष और महिला श्रद्धालु रास्ते में बड़ी श्रद्धा से साथ कीर्तन कर रहे थे। जहां से नगर कीर्तन गुजर रहा था वहां लोगों ने नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया।

बैंड बाजा पार्टी ने गुरु नानक जी की गुरुबाणी नानक नाम चढ़दी कला, चढ़े सो उतरे पार, तेरे भाणे सरबत दा भला की धुन से संगत का मन मोह लिया। सब सिखन को हुक्म है गुरु मान्यों ग्रंथ आदि शबद-कीर्तन कर गुरुबाणी का सिमरन किया।

नगर कीर्तन डोगरा गेट, चंदाना गेट, छात्रावास रोड, पुराना बस अड्डा रोड, पिहोवा चौक से होते हुए श्री गुरु तेग बहादुर चौक पर संपन्न हुआ। संगत ने रास्ते में नगर कीर्तन का फूलों की बरखा कर स्वागत किया। शहर में जगह-जगह चाय व प्रसाद का लंगर लगाया गया। नगर कीर्तन में पालकी को भव्य ढंग से सजाया गया था और नगर कीर्तन की अगुवाई पंच प्यारे कर रहे थे। पुरुष और महिला श्रद्धालु रास्ते में बड़ी श्रद्धा और उत्साह से साथ
विज्ञापन


कीर्तन कर रहे थे। जहां से नगर कीर्तन गुजर रहा था वहां लोगों ने नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया।

गौरतलब है कि यह त्योहार कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस साल गुरु नानक देव की 555वीं जयंती मनाई जा रही है। श्रद्धालुओं ने कहा कि आज हमें श्री गुरु नानक देव जी द्वारा मानवता की सेवा के लिए कार्य करने के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने यह शिक्षा दी थी सभी इंसान एक है और हम सब को आपस में मिलजुल कर रहना चाहिए और मानवता की सेवा करनी चाहिए। गुरु नानक जी की तीन बड़ी शिक्षा खुशहाली से जीने का मंत्र देती हैं। ये शिक्षा है- नाम जपो, किरत करो और वंड छको।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें