कैथल। मौलिक शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए निर्देश जारी किया है कि जिन विद्यालयों को मान्यता नहीं है, उनके नाम विभाग के एमआईएस पोर्टल से हटाए जाएंगे। इन स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के संबंध में यदि किसी तरह की समस्या आती है तो अभिभावक स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस समय स्कूलों में दाखिले चल रहे हैं। ऐसे में सलाह दी गई है कि अभिभावक जिस स्कूल में बच्चे का दाखिला करवा रहे हैं, वह मान्यता प्राप्त है या नहीं, इसकी जांच कर लें।
विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिला दिया जाना है। यह दाखिला प्रथम कक्षा में केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही सत्र 2022-23 के लिए दिया जाना है। कैथल जिले में ऐसे दर्जनों स्कूल हैं, जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। ये स्कूल बच्चों के दाखिले एमआईएस (प्रबंधन सूचना व्यवस्था) पोर्टल के माध्यम से कर रहे हैं। ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करवाने और उनका नाम पोर्टल से हटवाने के लिए भी स्थानीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही अभिभावकों को जागरूक करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाने से पहले मान्यता होने की पुष्टि जरूर कर लें। मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने पत्र में यह भी कहा है कि अगर कोई अभिभावक बिना पड़ताल अपने बच्चे का दाखिला गैर मान्यता प्राप्त स्कूल में करवाता है और बाद में किसी तरह की दिक्कत आती है तो वह स्वयं जिम्मेदार होगा। जिले में कुल 378 निजी स्कूलों ने मान्यता प्राप्त की है। इनमें 55 प्राथमिक, 133 माध्यमिक, 57 उच्च और 133 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं। हालांकि एमआईएस पोर्टल पर ऐसे स्कूलों ने भी विभाग से कोड ले रखे हैं, जिनके पास पहले मान्यता थी लेकिन अब समाप्त हो चुकी है। ऐसे में भले ही स्कूल के पास एमआईएस कोड हो, फिर भी अभिभावकों के लिए ये जानना जरूरी है कि संबंधित स्कूल मान्यता प्राप्त है या नहीं।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी चंद्रकला रापड़िया ने कहा कि विभाग की ओर से उनके पास निर्देश आए हैं। इस संबंध में जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। स्कूलों की मान्यता की जांच के साथ-साथ अभिभावकों को इसके बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों का दाखिला करवाने से पहले मान्यता की जांच जरूर करें।