संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में हुई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। हालात यह हैं कि करीब 80 हजार एकड़ में खड़ी फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरसों की फसल को सबसे ज्यादा क्षति हुई है, क्योंकि दाना झड़ने से पैदावार पर सीधा असर पड़ा है।
किसानों का कहना है कि फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन अचानक मौसम बदलने से सारी मेहनत बर्बाद हो गई। खेतों में पानी भरने और फसल गिरने के कारण कटाई कार्य भी प्रभावित हो रहा है, जिससे नुकसान और बढ़ने की आशंका है।
गांव के किसान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने पूरी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन बारिश ने सब कुछ खराब कर दिया। सरसों का दाना जमीन पर गिरने से भारी नुकसान हुआ है। किसान राजेश कुमार ने कहा कि पहले ही बढ़ती लागत से परेशान थे, ऊपर से इस बारिश ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रति एकड़ कम से कम 20 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली तो उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ सकती है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस समय हुई बारिश और तेज हवा फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक होती है। विशेष रूप से सरसों जैसी फसलों में दाना झड़ने की समस्या बढ़ जाती है, जिससे उत्पादन में कमी आती है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फसल नुकसान के आकलन के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी और निर्देशानुसार किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।