बरसाती पानी की निकासी के लिए गांव गुहणा के सैकड़ों ग्रामीण डीसी से मिले। ग्रामीणों ने बताया कि गुहणा गांव में हर साल बरसात के दिनों में साथ लगते कई गांवों का पानी आकर भर जाता है। जिस कारण गांव की 300 से 400 एकड़ फसल और मकानों को नुकसान पहुंचा है।
धान और ज्वार की फसल तो खराब हो गई है। इसके साथ गांव की गलियों व कई मकानों में भी पानी जमा हुआ है। जिसकी वजह से मकानों में दरारें आ गई हैं। जो अब गिरने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों पास लगते गांव हरिपुरा व सांघन के लोगों ने शेरगढ़ गुहणा लिंक चैनल नहर में कटाव कर दिया। इस कारण से इन गांव का पानी भी गांव गुहणा में ही जमा हो गया है।
अगर समय रहते कटाव बंद नहीं होता तो गांव गुहणा की पूरी फसल खराब हो सकती थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पानी की निकासी के लिए सिणद रोड के साथ साथ नाला बनाया जाए, ताकि सिणंद पुल के पास ड्रेन में पानी की निकासी हो सके। जो पानी ड्रेन के पास लगते खेतों में जमा होता है, उनके लिए चार पक्के नाके बनवाए जाए। जिससे उन खेतों का पानी निकल सके। जिन खेतों में फसलें खराब हो गई है उन खेतों की गिरदावरी कराई जाए व मुआवजा दिलाया जाए। डीसी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान करवाया जाएगा। डीसी से मिलने वालों में रामपाल शर्मा, संदीप कुमार, राजबीर सिंह, धर्मबीर, ईश्वर चंद, बसाऊ, दरिया, रामफल, जगदीश चंद्र, चंद्रभान, राजेश, राजा, रणधीर, सरपंच प्रतिनिधि पाला राम, सुखपाल व कुलदीप सिंह शामिल रहे।