संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। इन दिनों बंदरों के झुंड आमजन के लिए बड़ी मुसीबत बनते जा रहे हैं। बस अड्डा, भगत सिंह कॉलोनी, ऋषि नगर और नेहरू गार्डन सहित कई रिहायशी इलाकों में बंदरों के कारण लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। लोग घर से बाहर निकलने में घबराने लगे हैं।
परेशान लोगों का कहना है कि बंदर राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं और कई मामलों में लोगों के हाथ से बैग, मोबाइल फोन, खाने-पीने का सामान और यहां तक कि चश्मा तक छीन ले जा रहे हैं।
कैथल बस अड्डा क्षेत्र में बंदरों का झुंड दिनभर घूमता रहता है। यहां यात्रियों की आवाजाही अधिक होने का फायदा उठाकर बंदर लोगों के हाथ से बैग और खाद्य सामग्री छीन लेते हैं। कई बार बंदर अचानक हमला कर देते हैं, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस अड्डा क्षेत्र में रोजाना कोई न कोई घटना सामने आ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ऋषि नगर में परेशानी ः ऋषि नगर में भी बंदरों का झुंड घरों की छतों और गलियों में डेरा डाले हुए है। बंदर छतों पर रखे सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई घरों में पानी की टंकियों के पाइप तोड़ दिए गए हैं, जबकि कपड़े और घरेलू सामान उठा ले जाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। स्थानीय निवासी रीना देवी ने बताया कि दो दिन पहले उनकी गली से गुजर रही एक स्कूटी सवार युवती पर बंदर ने हमला करने की कोशिश की, जिससे वह गिरते-गिरते बची।
बच्चों के लिए ज्यादा मुश्किल ः सुबह और शाम के समय बच्चों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। अभिभावक बच्चों को अकेले स्कूल या बाजार भेजने से डर रहे हैं। नेहरू गार्डन निवासी दिनेश कुमार का कहना है कि बंदरों के कारण बच्चों को शाम के समय पार्क में घुमाने नहीं ले जा पा रहे हैं। बंदरों के हमले से बच्चे डर जाते हैं और ऐसे में पार्क में जाना खतरे से खाली नहीं रह गया है।
भगत सिंह कॉलोनी में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित
भगत सिंह कॉलोनी के पार्क में टहलने आने वाले लोगों के साथ-साथ आसपास रहने वाले निवासी भी बंदरों से परेशान हैं। कॉलोनी निवासी रमेश ने बताया कि पार्क में घूमने आने वाले लोगों पर बंदर झपट्टा मार देते हैं और कई बार हाथ से पॉलिथीन, फल आदि छीनकर भाग जाते हैं। बंदरों के कारण कॉलोनी में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। बंदर बिजली की तारों पर झूलते हैं, जिससे तार टूट जाती हैं और मरम्मत होने तक बिजली गुल रहती है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बंदरों को यहां से हटाने की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।