संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकारी स्कूलों में अब मिड डे मील के कुक और हैल्पर केवल बच्चों के भोजन की तैयारी में ही लगे रहेंगे। अन्य किसी काम के लिए इनसे काम नहीं लिया जाएगा। मौलिक शिक्षा हरियाणा ने सभी मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अगर कोई स्कूल इन कर्मियों से अतिरिक्त काम करवाता पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
मिड डे मील कर्मी कक्षा बाल वाटिका से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए दोपहर का खाना बनाते हैं। प्रत्येक स्कूल में लगभग 50 बच्चों तक एक मिड डे मिल कर्मी नियुक्त किया जाता है। छात्रों की संख्या बढ़ने पर कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जाती है। मौलिक शिक्षा हरियाणा के अनुसार, यदि किसी स्कूल में छात्रों की संख्या कम होने के कारण मिड डे मील कुक और हेल्पर की आवश्यकता नहीं रहती, तो उन्हें आस-पास के अन्य स्कूलों में समायोजित किया जा सकता है।
जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल ने बताया कि पत्र के अनुसार इसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सरकारी निर्देशानुसार, मिड डे मील कर्मियों का स्वास्थ्य भी नियमित रूप से जांचा जाएगा। हर दो साल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से निःशुल्क मेडिकल चेकअप कराया जाएगा। यदि कोई बीमारी पाई जाती है, तो उसका इलाज कराया जाएगा।