फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: पीने के पानी की गुणवत्ता जांचने की सिखाई विधि

Fri, 25 Apr 2025 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। पंचायती राज दिवस पर जाजनपुर गांव में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर गांववासियों को फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से पीने के पानी की गुणवत्ता जांचने की विधि सिखाई गई। ग्रामीणों का कहना था कि यह उपयोगी जानकारी है क्योंकि स्वच्छ जल का सेवन ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामवासियों को पंचायती राज व्यवस्था के महत्व, इसकी उत्पत्ति और स्थानीय विकास में इसके योगदान की विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने विशेष रूप से जल संरक्षण, पानी की गुणवत्ता व ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की भूमिका पर विस्तृत जानकारी साझा की।
विज्ञापन


उन्होंने ने कहा कि भारत विश्व की 18% जनसंख्या को आश्रय देता है पर हमारे पास मात्रचार प्रतिशत ही ताजे जल संसाधन उपलब्ध हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि हम वर्षा से जल का केवल आठ प्रतिशत ही संचय कर पा रहे हैं। जल संकट एक गंभीर मुद्दा है और इसके समाधान हेतु हमें ग्राम स्तर पर ही कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि भारत में कुल 1911 अरब घन मीटर जल उपलब्ध है लेकिन बढ़ती आबादी और अनियोजित उपयोग के कारण जल संकट की स्थिति विकराल होती जा रही है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विश्व के 20 ऐसे शहर, जहां सबसे अधिक जल संकट है, उनमें से पांच शहर भारत के हैं जिसमें दिल्ली , कोलकाता, चेन्नई बेंगलुरु हैदराबाद पर है। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत के पंच पूर्ण चंद ने की। संचालन ग्राम सचिव मुकेश वालिया ने किया।

इस ग्राम सभा में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के ब्लॉक रिसोर्स असिस्टेंट बलकार सिंह, स्वच्छ भारत मिशन से राजबीर, बिराराम सहित अनेक ग्रामीण पुरुष, महिलाएं, युवा एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विज्ञापन


जिले की स्थिति पर फोकस

दीपक कुमार ने कहा कि जिले में भी जल संकट की आहट सुनाई देने लगी है। जिले के राजौंद एवं गुहला खंड को केंद्रीय भू-जल प्राधिकरण की ओर से डार्क जोन घोषित किया जा चुका है जिसका अर्थ है कि यहां भूजल का अत्यधिक दोहन हो चुका है और पुनर्भरण की दर अत्यंत धीमी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें