संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के गांव गोविंदपुरा ने एक बार फिर आपसी एकता और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है। उपचुनाव के दौरान मनजीत कौर को सर्वसम्मति से सरपंच पद के लिए चुन लिया गया, जबकि 9 पंच भी बिना किसी चुनावी प्रक्रिया के आम सहमति से चयनित किए गए।
गांव में इस बार भी चुनाव के दौरान किसी प्रकार का विवाद या प्रतिस्पर्धा देखने को नहीं मिली। सभी ग्रामीणों ने एकजुट होकर मनजीत कौर के नाम पर सहमति जताई और उन्हें सरपंच की जिम्मेदारी सौंपी। इससे पहले भी गांव में दो बार सर्वसम्मति से सरपंच चुने जा चुके हैं, जो ग्रामीणों के आपसी विश्वास और सामंजस्य को दर्शाता है।
मनजीत कौर ने सरपंच चुने जाने पर ग्रामीणों का आभार जताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। गांव में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया जाएगा। उनकी पारदर्शी कार्यशैली और समावेशी सोच के कारण ही उन्हें लगातार समर्थन मिलता रहा है।
सर्वसम्मति से चुनाव होने से न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि गांव में आपसी सौहार्द भी बना रहता है। गोविंदपुरा का यह निर्णय अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणादायक बनकर उभरा है। गांव के 10 पंचों में वार्ड 7 से किसी भी व्यक्ति ने नामांकन नहीं कराया तो यहां कोई पंच नहीं बन सका है।
ये चुने गए पंच:
वार्ड 1 से राजेंद्र
वार्ड 1 से सहप्रीत कौर
वार्ड 3 से रिछपाल
वार्ड 4 से जसवंत कौर
वार्ड 5 से हरप्रीत सिंह
वार्ड 6 से कुलदीप कौर
वार्ड 7 में कोई नामांकन न होने के कारण चुनाव नहीं हुआ
वार्ड 8 से संदीप कौर
वार्ड 9 से गुरप्रीत कौर
वार्ड 10 से सरबजीत कौर