संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रोफेसर एसएस मेमोरियल पब्लिक हाई स्कूल में नारायण सेवा संस्थान शाखा कैथल ने नशा मुक्ति जागरूकता शिविर लगाया। इसमें विद्यार्थियों को नशा न लेने के बारे में जागरूक किया गया। समझाया गया कि दूषित सामाजिक माहौल नशे का प्रमुख कारण बनता है।
कार्यक्रम में कैथल शाखा के सह सचिव डॉ. नरेश गर्ग ने बताया कि 1985 में कैलाश मानव की प्रेरणा से नारायण सेवा संस्थान उदयपुर की शुरुआत हुई। बाद में इसकी कैथल शाखा संरक्षक सतपाल मंगला, संयोजक डॉ. विवेक गर्ग और सचिव डॉ. अनिल जिंदल के नेतृत्व में 2015 में यहां रखी गई। तब से संस्थान निर्धन, वंचित और दिव्यांग बंधुओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहा है। इसके बाद उन्होंने बताया कि नारायण सेवा संस्थान की ओर से कैथल में अब दिव्यांग बंधुओं और जरूरतमंद लोगों के लिए एक निशुल्क दया गुप्ता मानव मंदिर, नारायण सेवा केंद्र का निर्माण किया जा रहा है, जो उत्तर भारत के दिव्यांग बंधुओं के लिए एक वरदान सिद्ध होगा।
उन्होंने उपस्थित श्रोताओं से इस कार्य में सहयोग देने की अपील की। इसके बाद उन्होंने नशे के प्रमुख कारण बताएं और बच्चों को बुरी संगति से दूर रहने की सलाह दी। बताया कि सफलता का दबाव भी व्यक्ति को नशे की तरफ धकेलता है। उन्होंने चोरी/डकैती की आदत के लिए नशे को प्रमुख कारण माना।
कार्यक्रम में शेर सिंह ने संबोधन में कहा कि नशा व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक तौर से लाचार बना देता है, जिसकी वजह से वह और उसका परिवार समाज में सम्मान से रहने का हक खो बैठता है। ज्ञान चंद भल्ला ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के जरूरी उपायों का विस्तार से वर्णन किया और कहा कि विद्यार्थी खेलकूद और सत्संग का सहारा लेकर नशे से दूर रह सकते हैं।
अंत में डॉ. नरेश गर्ग ने सभी विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की और इस अभियान के साथ जुड़ने की शपथ दिलाई।
प्राचार्य सत्यजीत सैनी ने नारायण सेवा संस्थान के सदस्यों का इस जागरूकता अभियान के लिए धन्यवाद किया। इस अवसर पर शाखा कैथल की टीम के सदस्य डॉ. नरेश गर्ग, ज्ञानचंद भल्ला, शेर सिंह व सोमनाथ मौजूद रहे।