कैथल। श्री कृष्ण गो संरक्षण धाम की तरफ से आयोजित श्री रुद्र चंडी महायज्ञ सोमवार को भी जारी रहा। गोशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य अरविंद चित्रकूट वाले ने श्रीमद् भागवत कथा में महाराजा शुकदेव परीक्षित संवाद प्रसंग सुनाया।
उन्होंनेकहा कि एक बार परीक्षित महाराज वन में चले गए। उनको प्यास लगी तो समीक ऋषि से पानी मांगा। वह समाधि में थे, इसलिए पानी नहीं पिला सके। परीक्षित ने सोचा कि साधु ने अपमान किया है। उन्होंने मरा हुआ सांप उठाया और समीक ऋषि के गले में डाल दिया। यह सूचना पास में खेल रहे बच्चों ने समीक ऋषि के पुत्र को दी। ऋषि के पुत्र ने शाप दिया कि आज से सातवें दिन तक्षक नामक सर्प आएगा और राजा को जलाकर भस्म कर देगा। समीक ऋषि को जब यह पता चला तो उन्होंने दिव्य दृष्टि से देखा कि यह तो महान धर्मात्मा राजा परीक्षित हैं और यह अपराध इन्होंने कलियुग के वशीभूत होकर किया है।
समीक ऋषि ने जब यह सूचना जाकर परीक्षित महाराज को दी तो वह अपना राज्य अपने पुत्र जन्मेजय को सौंपकर गंगा नदी के तट पर पहुंचे। वहां बड़े ऋषि-मुनि व देवता आ पहुंचे और अंत में व्यास नंदन शुकदेव वहां पहुंचे। शुकदेव को देखकर सभी ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। प्रसंग सुनाने के बाद आरती हुई और कथा का समापन किया। महायज्ञ में कुल नौ कुंड बनाए गए हैं। इसमें सुबह छह से 10 बजे तक यजमान आहुतियां डाल रहे हैं। सोमवार को राजेश, वीरभान, यशपाल, रुलदू राम, प्रवीन कुमार, विजय कुमार व कृष्ण सैनी यजमान के रूप में मौजूद रहे। यज्ञ आचार्य लाल मणि त्रिपाठी व सुशील शर्मा ने यजमानों की महायज्ञ में आहुतियां डलवाईं।
दूसरी ओर अनाज मंडी में लगातार चार दिन में भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें पूरे राज्य से अलग-अलग स्थानों से कलाकार पहुंच रहे हैं। सोमवार को भजन गायक नरदेव बैनीवाल, पूजा शर्मा राजस्थान और पूजा मुजफ्फरनगर ने गोमाता का गुणगान किया। इस अवसर पर गोशाला के प्रधान रामफल खुरानिया, उपप्रधान अमन जिंदल, सचिव प्रदीप सिंगला, कैशियर ऋषिपाल, लाभ सिंह, चांद राम, ओमप्रकाश, रामरतन, सतपाल, प्रेम व यजमान संजय सिंगला, शमशेर, नरेश, सुभाष, सन्नी, रामप्रताप, सतपाला, सोनू, संजय गग व संदीप गोयल मौजूद रहे।