संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। अग्रवाल धर्मशाला चीका में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन वीरवार को कथा वाचक नंदेश्वर महाराज ने महाभारत के प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि समस्याओं का हल संवाद से होता है, विवाद से नहीं। उन्होंने कहा कि दुर्योधन संवाद करता तो महाभारत भी न होता।
कथा वाचक नंदेश्वर महाराज ने कहा कि महाभारत काल में दुर्योधन ने विवाद का सहारा लिया, जबकि अर्जुन संवाद से समस्या का हल करना चाहते थे। यही वजह रही कि अर्जुन के नेतृत्व वाले पांडव दल ने संख्या में कम होते हुए भी बुद्धि व विवेक के बल पर युद्ध में विजय प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मनुष्य के जीवन में जिस प्रकार के युद्ध मन में चल रहे हैं, उन्हें ईश्वर की भक्ति, मन व बुद्धि से ही जीतकर कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस समय परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर संवाद करना भूल गए हैं, यही वजह है कि परिवार बिखर रहे हैं। कार्यक्रम के मुख्य यजमान नवनीत गोयल व दीक्षा गोयल ने सभी से कथा में पहुंचने का आह्वान किया है। कथा में दुधाधारी मंदिर की महंत शांति पुरी महाराज विशेष तौर पर उपस्थित रही।
साईं जन कल्याण ट्रस्ट के सदस्यों ने संस्थापक नीटू जांगड़ा की अगुवाई में भंडारे का वितरण किया गया। इस मौके पर परमानंद गोयल, अशोक गर्ग, मनोज मित्तल, विजय गोयल, पिंका, पंकज गर्ग, सुभाष चंद सहित सैकड़ों श्रद्धालु
मौजूद रहे।