सड़क सुरक्षा और सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के तहत आयोजित बैैठक में डीसी प्रदीप दहिया ने आदेश जारी किया कि तितरम मोड़ स्थित ओवरब्रिज पर सीसीटीवी कैमरे और स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं। साथ ही शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर ट्रैफिक लाइटों के साथ-साथ स्पीड कैमरे लगाए जाएं।
डीसी ने कहा कि रोड सेफ्टी सभी विभागों की साझी जिम्मेदारी है, रोड सेफ्टी को लेकर जिस भी विभाग का जो कार्य बनता है, वह उसे तुरंत करवाना सुनिश्चित करें। शहर में मेन चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगवाएं, ताकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू चल सके। इसके साथ स्पीड कैमरे भी लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऑनलाइन चालान किए जा सके।
लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में रोड सेफ्टी एवं स्कूल वाहन पॉलिसी से संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि तितरम मोड़ स्थित ओवर ब्रिज पर लाइटें लगाने के साथ-साथ वहां पर कैमरे भी लगाएं, ताकि संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर किसी क्राइम को अंजाम न दे पाएं। डीसी ने एक्सईएन सतपाल के कार्य की सराहना की। नेशनल हाईवे नंबर 152 पर जरूरी कार्यों को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पूरा करवाएं। डीसी ने एक्सईएन नगर परिषद को काम पूरा न करने पर फटकार लगाई तथा लंबित कार्य शीघ्र पूरे करने के निर्देश दिए।
इसके साथ डीएसपी कुलवंत सिंह को निर्देश दिए कि चालान लगातार होने चाहिए। अंडर एज ड्राईविंग, ओवर स्पीडिंग, सीट बेल्ट, मोबाइल, ड्रिंक एवं ड्राइव तथा ट्रिपल राइडिंग के चालानों की संख्या बढ़ाई जाए। डीसी ने आरटीए को निर्देश दिए कि ओवर लोडिंग वाहनों के चालानों की संख्या बढ़ाई जाए तथा संभव हो तो ओवर लोडेड वाहनों में यात्रा करने वाले लोगों का चालान भी करें, जिससे दुर्घटनाओं में जानमाल की हानि कम की जा सके। इस मौके पर एसडीएम संजय कुमार, सीएमओ डॉ. जयंत आहुजा, विरेंद्र ढुल, डीएसपी कुलवंत, आरटीए सत्यवान सिंह मान, सीएमओ जयंत आहुजा, जिला बाल कल्याण अधिकारी बलबीर चौहान, एक्सीईएन हिमांशु लाटका, रेडक्रॉस सचिव रामजी लाल तथा संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।