संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महज 15 साल की उम्र में मुक्केबाजी के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली क्योडक़ गांव निवासी खिलाड़ी निष्ठा एक प्रेरणादायक युवा खिलाड़ी हैं। वह अपने दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का एक जीवंत उदाहरण हैं। पिछले छह वर्षों से बिना रुके, वह रोजाना 10 किलोमीटर की दूरी तय करके आरकेएसडी इंडोर स्टेडियम पहुंचती हैं, जहां वह सुबह-शाम कई घंटों तक प्रशिक्षण करती हैं।
उनका यह समर्पण और लगन निष्ठा को न केवल स्कूली, राज्यस्तरीय, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में मदद कर रहा है। खिलाड़ी निष्ठा 10वीं कक्षा की छात्रा है ओर वह 44-46 किलोभार वर्ग में मुक्केबाजी करती हैं। जहां उसकी तकनीक, गति और मानसिक दृढ़ता अद्वितीय हैं। रोजाना प्रशिक्षण के दौरान, वह अपने कोच गुरमीत सिंह के निर्देशन में न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाती हैं, बल्कि रणनीति और तकनीकी सुधार पर भी ध्यान देती हैं।
उनके कोच बताते हैं कि निष्ठा की मेहनत और अनुशासन का स्तर बहुत ही प्रेरणादायक है। खेल के प्रति उनकी लगन का असर उनके जीवन के हर क्षेत्र में साफ दिखाई देता है। कड़े परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ निष्ठा ने अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के साथ-साथ अपने देश का भी मान बढ़ाया है। परिवार का समर्थन और समाज की सकारात्मक सोच ने उन्हें न केवल खेल के मैदान में आगे बढऩे में मदद की है, बल्कि कठिनाइयों का सामना करने के लिए भी प्रेरित किया है।
खिलाड़ी निष्ठा ने दो बार स्कूली राज्यस्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किए हैं ओर दो बार स्कूली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा सीबीएससी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया है। उनका सपना है कि एक दिन वह ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करें और पदक जीतकर अपने देश का मान बढ़ाएं।
ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच पर खेलना उनके लिए एक ऊंचा लक्ष्य है, जिसे पाने के लिए वह दिन-रात मेहनत करती हैं। उनकी यह लगन और समर्पण युवा खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो दिखाता है कि यदि सही दिशा और प्रयास के साथ कोई भी सपने को हकीकत में बदला जा सकता है।