जितेंद्र पांचाल
कैथल। विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी एजेंटों और कबूतरबाजों का गिरोह प्रदेश के हर जिले में सक्रिय है। विदेश जाने का बढ़ता क्रेज और शॉर्टकट में रुपये कमाने की चाह में युवा आए दिन इसके शिकार हो रहे हैं। प्रदेश में इस प्रकार के सबसे ज्यादा मामले करनाल जिले में सामने आ रहे हैं। इसके बाद कुरुक्षेत्र, अंबाला और फिर कैथल का चौथा स्थान है।
इस संबंध में शुक्रवार को डीएसपी ललित कुमार ने पुलिस लाइन स्थित अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता की। साथ ही कबूतरबाजों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष टीमें बनाकर सख्ती से कार्रवाई की बात कही।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने प्रदेश में कबूतरबाजी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए एसआईटी का गठन किया है। साथ ही कैथल के एसपी अभिषेक जोरवाल को भी एसआईटी में शामिल किया गया है। यह एसआईटी युवाओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले और उनसे लाखों रुपये ऐंठकर गैर-कानूनी तरीके से विदेश भेजने वाले कबूतरबाजों पर अंकुश लगाएगी। उन्होंने हिदायत दी कि कबूतरबाजी के मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विदेश जाने की चाह में युवा गैर कानूनी तरीका अपनाने से भी परहेज नहीं करते। इसकी का फायदा उठाकर कबूतरबाज लगातार ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर एसपी के निर्देश पर पुलिस ने अब विशेष टीमें बनाकर फर्जी एजेंटों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अगर किसी भी एजेंट के खिलाफ शिकायत मिलती है तो तुरंत एफआईआर दर्ज होगी। ऐसे आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
कैथल में अधिकृत एजेंट कोई नहीं
कैथल में इस वर्ष जनवरी माह से लेकर अब तक विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के 45 मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों में पुलिस ने 44 आरोपियों को पकड़ा भी है, लेकिन उनके गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इन मामलों में छह करोड़ 60 लाख रुपये की ठगी सामने आई है। कैथल जिले से रोजाना बड़ी संख्या में युवा विदेश जा रहे हैं, जबकि यहां अधिकृत एजेंट कोई भी नहीं है।
डीएसपी ललित कुमार ने कहा कि जिले से अगर कोई युवा विदेश जाने का इच्छुक है तो वह सही प्रक्रिया से विदेश जाए। आईईएलटीएस या फिर किसी स्पांसरशिप में जाना सही माध्यम है। अभिभावक भी अपने बच्चों को विदेश भेजने से पहले एजेंटों के अधिकृत होने की पड़ताल जरूर कर लें।
प्रदेश में सिर्फ 25 अधिकृत एजेंट
पुलिस की ओर से प्रदेश के अधिकृत एजेंटों की सूची तैयार की गई है। इसके अनुसार प्रदेश में मात्र 25 एजेंट ही युवाओं को विदेश भेजने के लिए अधिकृत हैं, जबकि हर जिले में सैकड़ों की संख्या में एजेंट सक्रिय हैं। संवाद