कलायत। क्षेत्र में सिरसा ब्रांच नहर के माध्यम से पेयजल टैंकों तक पहुंच रहे दूषित पानी को लेकर बड़ा मुद्दा खड़ा हो गया है। नहर के पानी में तैरते कचरे और बदबू के कारण स्थानीय लोगों में रोष है। इस समस्या पर सहारण खाप के वरिष्ठ नेता साधुराम कौलेखां तथा नगर पालिका पार्षदों ने एसडीएम अजय हुड्डा से हस्तक्षेप की मांग की है।
साधुराम कौलेखां ने बताया कि नहर का पानी बेहद दूषित हो चुका है। इसमें जंगली वनस्पति, मृत जीव और भारी मात्रा में कचरा बह रहा है, जिससे पानी से दुर्गंध आ रही है। उनका कहना है कि ऐसे पानी को टैंकों में पहुंचाकर पीने योग्य बनाना संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग नहरों की नियमित सफाई को लेकर गंभीर नहीं है, जिसके कारण नहर कचरे से अटी पड़ी है और यही गंदगी पेयजल सप्लाई में शामिल हो रही है।
नगर पालिका पार्षदों ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए प्रशासन से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। पार्षदों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। शहरवासियों ने सिंचाई संसाधनों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने, पानी की गुणवत्ता की जांच कराने और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।