संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कैथल रोडवेज डिपो को शुक्रवार को दो मिनी पिंक बसें मिलने जा रही हैं। ये बसें पंचकूला डिपो से कैथल लाई जाएंगी। डिपो प्रशासन के अनुसार इन बसों का संचालन विशेष रूप से छात्राओं के लिए किया जाएगा, जिससे उन्हें आवागमन में राहत मिल सके। हालांकि ये दोनों बसें काफी पुरानी हैं। विभाग का दावा है कि बसें सड़कों पर चलने योग्य हैं और इनके संचालन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी।
डिपो अधिकारियों के अनुसार इन बसों का पहले कैथल डिपो की टीम द्वारा निरीक्षण किया गया था। इसके बाद ही बसों को कैथल भेजने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कैथल डिपो को नई बसों की बजाय दूसरे डिपो से पुरानी बसें ही मिली हैं। झज्जर, पानीपत, भिवानी और रोहतक से करीब 70 पुरानी बसें पहले ही कैथल डिपो में आ चुकी हैं।
इन बसों की स्थिति फिलहाल ठीक-ठाक बताई जा रही है, लेकिन लंबी दूरी के रूटों पर इनका संचालन संभव नहीं है। डिपो प्रशासन लोकल रूटों पर इन बसों को चला रहा है, ताकि यात्रियों को समय पर बस सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। कई बार पुरानी बसें बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
करीब दो वर्ष पहले कैथल डिपो को लगभग 48 नई बसें मिली थीं, जिन्हें बाद में अन्य डिपो में भेज दिया गया। इसके बाद से कैथल डिपो में बसों की कमी लगातार बनी हुई है। यात्रियों को कई बार घंटों तक बस अड्डे पर खड़ा होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनका समय बर्बाद हो रहा है। यात्रियों का कहना है कि पुरानी बसों की जगह नई बसें डिपो में शामिल की जानी चाहिए, ताकि सफर में दिक्कत न हो।
नई बसें खरीदी जाएं ः कर्मचारी संदीप कुमार का कहना है कि डिपो में पहले ही काफी संख्या में पुरानी बसें हैं, इनके खराब होने का खतरा हमेशा रहता है। छात्राओं के लिए नई मिनी बसें खरीदी जानी चाहिए, ताकि सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित हो सके।
पंचकूला डिपो से दो मिनी पिंक बसें शुक्रवार को कैथल डिपो में पहुंचेंगी। बसों की स्थिति रूटों पर चलने के लिए ठीक है। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इन बसों का संचालन विभिन्न रूटों पर किया जाएगा और छात्राओं के लिए इन्हें विशेष रूप से चलाया जाएगा। -अनिल कुमार वर्कशॉप मैनेजर
बस अड्डे पर लंबे समय से खड़ी थीं दोनों
पंचकूला क्षेत्र में ये दोनों पुरानी मिनी पिंक बसें काफी समय से बस अड्डे पर खड़ी थीं। बीएस-4 श्रेणी की होने के कारण इन्हें रूटों पर नहीं चलाया जा रहा था। वर्ष 2021 में ये बसें पंचकूला डिपो को मिली थीं। इन दो बसों के कैथल पहुंचने के बाद डिपो में कुल बसों की संख्या बढ़कर 166 हो जाएगी, जबकि मिनी बसों की संख्या सात हो जाएगी। डिपो प्रशासन का दावा है कि बसों के संचालन से आमदनी में भी इजाफा होगा।