संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। केंद्र सरकार की ओर से वीरवार को जारी स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के परिणामों में कैथल फिर पिछड़ गया है। राष्ट्रीय स्तर पर कैथल नगर परिषद की रैंक 365 से गिरकर 502 हो गई, जबकि वर्ष 2023 में यह रैंक 177 थी। प्रदेश स्तर पर भी कैथल 14वीं से फिसलकर 61वें स्थान पर आ गया है, जो साफ दर्शाता है कि नगर परिषद की सफाई व्यवस्था में गंभीर खामियां बनी हुई हैं।
स्वच्छता रैंकिंग में केवल कैथल ही नहीं, जिले की अन्य नगरपालिकाओं का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। पूंडरी को प्रदेश में 72वां, चीका को 60वां, कलायत को 70वां, सीवन को 79वां और राजौंद को 85वां स्थान मिला है। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि जिलेभर में सफाई व्यवस्था को लेकर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
कर्मचारियों की कटौती बनी गिरावट की वजह ः वार्ड 28 के पार्षद मोहनलाल शर्मा के अनुसार, पिछली बार नगर परिषद ने रात के समय सफाई अभियान शुरू किया था, जो कर्मचारियों की कमी के चलते बंद हो गया।
उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए नियुक्त 165 कर्मचारियों को हटाकर ठेके के तहत पुनः रखा गया, लेकिन उनका वेतन 13,000 से घटाकर 6,400 रुपये कर दिया गया। इससे कार्यप्रणाली प्रभावित हुई और सफाई व्यवस्था चरमराने लगी।
सात करोड़ खर्च, फिर भी परिणाम नाकाफी ः वार्ड 11 की पार्षद सुशीला शर्मा ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन पर नगर परिषद ने सात करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की, बावजूद इसके परिणामों में सुधार नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं को सही ढंग से लागू किया जाए, तो कैथल बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
कैथल जिले के शहरों का स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में प्रदर्शन
शहर/नगरपालिका प्रदेश रैंक
प्रदेश रैंक
देश रैंक
देश रैंक
(2024)
(2023)
(2024)
(2023)
कैथल
61
18
502
365
पूंडरी 72
20
1124
1974
चीका
60
29
865
2442
कलायत 70
33
1114
2510
सीवन
79
51
1244
3229
राजौंद
85
56
1619
3374
नोट: कैथल जिले के सभी प्रमुख शहरों की स्थिति वर्ष 2023 की तुलना में प्रदेश स्तर और राष्ट्रीय स्तर दोनों पर कमजोर हुई है। यह गिरावट स्वच्छता में आई ढील, जनसहभागिता की कमी या निरीक्षण में खामियों का संकेत हो सकती है। विशेष रूप से राजौंद और सीवन की स्थिति चिंताजनक है, जिन्हें राष्ट्रीय रैंकिंग में 3000 के पार स्थान मिला है।
रैंक गिरने के प्रमुख कारण
n
जनसंख्या अनुपात में सफाईकर्मियों की संख्या बहुत कम — आवश्यक 800, तैनात लगभग 400
n
ठेका आधारित डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन में अनियमितता
n
कचरा निस्तारण केंद्रों की स्थिति व प्रबंधन व्यवस्था बेहद कमजोर
n
सार्वजनिक शौचालयों की हालत खराब
n डंपिंग यार्ड में समय पर नहीं हो पाता है कूड़़ा निस्तारण।
सफाईकर्मियों की कमी
नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के राज्य संगठनकर्ता शिवचरण के अनुसार, कैथल में 800 सफाईकर्मियों की जरूरत है, जबकि वर्तमान में मात्र 400 के करीब कर्मचारी तैनात हैं। संघ ने कई बार ज्ञापन दिए और प्रदर्शन किए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कमियों की पहचान कर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना बनाई जाएगी। सफाईकर्मियों को बेहतर कार्य के लिए प्रेरित किया जाएगा।
-सुरभि गर्ग, अध्यक्ष, नगर
परिषद, कैथल
इस बार कैथल का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। सफाई व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए जाएंगे। -सुशील कुमार, जिला पालिका आयुक्त, कैथल
ठेकेदार पर भी उठे सवाल, शौचालयों की स्थिति खराब
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार कचरे का वजन बढ़ाकर दर्शाता है, जिससे वास्तविक निस्तारण नहीं हो पाता। इसके अलावा शहर के सार्वजनिक शौचालयों की हालत भी बदहाल है, जिससे लोगों को भारी असुविधा होती है।