संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राजौंद खंड के सेरधा गांव में स्थित राजकीय स्कूल के एक अध्यापक ने चार से पांच युवकों पर हाथापाई करने का आरोप लगाया है। घटना मंगलवार दोपहर की है, जब कुछ युवक दस्तावेज सत्यापित करवाने के लिए स्कूल पहुंचे थे।
अध्यापक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि दस्तावेज सत्यापित कराने आए युवक स्कूल परिसर में घूमने लगे, तो उन्हें कार्यालय में बैठने के लिए कहा गया। इस पर युवकों ने असहमति जताते हुए बहस की। उस समय मामला शांत हो गया, लेकिन स्कूल की छुट्टी के बाद जब सुरेंद्र सिंह परिसर से बाहर निकले, तो युवकों ने उनके साथ हाथापाई कर दी।
सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस दौरान उनके कमर और चेहरे पर चोटें आईं। स्टाफ के अन्य सदस्यों ने हस्तक्षेप कर उन्हें बचाया। मौके पर सरपंच भी पहुंचे और युवकों को पुलिस के हवाले किया गया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सहयोग न मिला होता, तो गंभीर घटना घट सकती थी। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उधर, इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी पुलिस को शिकायत सौंपी गई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गुरुवार शाम अध्यापक ने जिला नागरिक अस्पताल पहुंचकर अपना मेडिकल भी करवाया।
गौरतलब है कि हिसार मंे प्रिंसिपल जगबीर पन्नू की हत्या के बाद शिक्षकों में डर पनप रहा है। हसला के जिला प्रधान राजीव मलिक ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि अध्यापक चरखी दादरी से यहां आकर बच्चों को पढ़ाते हैं। उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं है, बल्कि वे छात्रों के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनके साथ इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।
दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। फिलहाल किसी के खिलाफ भी मामला दर्ज नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। -रामनिवास, राजौंद थाना प्रभारी