केंद्र सरकार द्वारा सोने पर लगाए गए एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सराफ और स्वर्णकारों की हड़ताल 15वें दिन भी जारी रही। सराफ व स्वर्णकारों ने बंद दुकानों के बाहर सड़क के बीचों-बीच बैठकर धरना दिया। सराफों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। साथ ही कहा कि जब तक केंद्र सरकार अपना अड़ियल रवैया छोड़ते हुए उनकी मांगों को पूरा नहीं करती उनकी हड़ताल निरंतर जारी रहेगी और किसी भी सूरत में दुकानें नहीं खोलेंगे। सर्राफ व स्वर्णकार अपने हकों के लिए किसी भी कुर्बानी व आंदोलन से अब पीछे नहीं हटेंगे और सरकार द्वारा लागू किया गया इंस्पेक्टरी राज कानून को वापस करवाकर ही दम लेंगे।
धरने को संबोधित करते हुए सराफ एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र गोयल व स्वर्णकार सभा के जिला प्रधान विनोद कुमार सोनी ने कहा कि दिल्ली विराट रैली में लाखों की संख्या में सराफ व स्वर्णकारों ने प्रदर्शन कर सरकार से एक्साइज ड्यूटी वापिस लेने की पुरजोर मांग की है, लेकिन सरकार सत्ता के नशे में निरंतर व्यापारियों के हितों से खिलवाड़ कर रही है और व्यापारियों को बर्बाद करने में लगी है। उन्होंने कहा कि 15 दिनों से दुकानें बंद होने के कारण जहां उनका रोजगार चौपट हो रहा है, वहीं अब भूखे मरने की नौबत आ चुकी है। अगर सरकार का इसी प्रकार रवैया रहा तो सराफ व स्वर्णकार सड़कों पर बैठ जाएंगे। जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी। दोनों प्रधानों ने कहा कि केंद्रीय एसोसिएशन द्वारा जो भी आगे हड़ताल को लेकर दिशा-निर्देश व फैसला लिया जाएगा उसके अनुसार सराफ व स्वर्णकार चलेंगे और आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस मौके पर सुंदर लाल वर्मा सर्राफ, राजेश वर्मा डिंपी, सत्यनारायण गोयल, राजेश सर्राफ, प्रवीण मित्तल, अजय सर्राफ, तरसेम सराफ, डिंपी वर्मा, अनिश गुप्ता सराफ, अशोक सराफ, राकेश सराफ, राजन वर्मा, विनोद वर्मा, नवनीत सिंगला सहित सभी सर्राफ व स्वर्णकार मौजूद थे।
आभूषण न मिलने से लोग परेशान
सराफ व स्वर्णकारों की 15 दिनों से चल रही हड़ताल का सबसे अधिक प्रभाव लोगों पर हो रहा है। लोगों ने कहा कि घरों में विवाह या शुभ कार्य हो रहे है। समय पर सोने व चांदी के जेवरात ना मिलने के कारण ग्राहकों में भी सरकार के प्रति रोष है। ग्राहक प्रतिदिन दुकानें खुलने की आस लेकर बाजारों में आते है, लेकिन दुकानें बंद होने पर मायूस होकर सरकार को कोसते हुए वापस चले जाते है। ग्राहकों ने भी अब तो सरकार से सराफ व स्वर्णकारों की हड़ताल समाप्त करवाकर उनकी मांगों का हल निकालने की मांग की है, ताकि लोगों को रोजाना आ रही परेशानी से निजात मिल सके।