कैथल। मुख्यालय से कड़े दिशा-निर्देश जारी होने के बाद स्थानीय अग्निशमन विभाग ने जिले के सभी होटलों और कोचिंग सेंटरों के खिलाफ निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से खंड वार विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो धरातल पर जाकर सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच कर रही हैं।
जांच के दौरान जिन भी संस्थानों में कमियां और अनियमितताएं पाई जा रही हैं, उनकी एक विस्तृत सूची तैयार की जा रही है। लीडिंग फोरमैन राजकुमार का कहना है कि निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे और अंतिम रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए सीधे मुख्यालय भेजी जाएगी।
केवल 19 संस्थानों के पास वैध एनओसी
जिले में संचालित कुल 104 कोचिंग सेंटरों में से मात्र 12 के पास ही वैध फायर एनओसी (अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र) उपलब्ध हैं। वहीं ठहरने और खान-पान की सुविधा देने वाले कुल 107 होटलों में से केवल सात होटल ही ऐसे पाए गए हैं जिनके पास फायर विभाग की एनओसी है। यानी कुल 211 संस्थानों में से केवल 19 ही सुरक्षा मानकों पर खरे उतरे हैं। अन्य 192 संस्थान बिना किसी पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के धड़ल्ले से चल रहे हैं, जो वहां आने वाले हजारों छात्रों और नागरिकों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।
कमी मिलने पर थमाए जाएंगे नोटिस
खंड स्तर पर गठित की गई टीमें जांच कर रही हैं। जांच का मुख्य फोकस अग्नि सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), वेंटिलेशन और भवन की क्षमता पर है। जांच टीमों के प्रभारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं की जाएगी। जैसे ही सभी खंडों की जांच रिपोर्ट संकलित हो जाएगी, कमियां पाए जाने वाले सभी होटलों और कोचिंग सेंटरों को अंतिम नोटिस जारी कर तय समय सीमा के भीतर व्यवस्था सुधारने का मौका दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी मानकों को पूरा नहीं किया गया, तो संस्थानों की मुख्यालय से आदेश के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
देश के विभिन्न हिस्सों में कोचिंग सेंटरों और होटलों में शॉर्ट सर्किट या आग लगने की घटनाओं से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यालय ने समय रहते यह कड़ा रुख अपनाया है और जांच की जा रही है। - सुमित कुमार, जिला अग्निशमन अधिकारी