संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आरकेएसडी कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से पश्चिम एशिया संकट: भारत के लिए निहितार्थ विषय पर एक विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भूतपूर्व कुलपति बीएमयू रोहतक प्रो. आरएस यादव मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता ने संबोधन में पश्चिम एशिया संकट की प्रकृति, भारत पर इसके प्रभाव और भारत के संभावित विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव, क्षेत्रीय संघर्ष, बदलते गठबंधन, ऊर्जा राजनीति और वैश्विक शक्तियों की भूमिका इस संकट के प्रमुख कारण हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गगन मित्तल ने पश्चिम एशिया संकट की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के विषय विद्यार्थियों को
समसामयिक वैश्विक मुद्दों से जोड़ते हैं और उनके बौद्धिक विकास में सहायक होते हैं।
महाविद्यालय के प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में पश्चिम एशिया की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है और ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों में अंतरराष्ट्रीय समझ को विकसित करते हैं।
राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओम ने कहा कि यह संकट एक जटिल और बहुआयामी विषय है, जिसके अध्ययन से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय राजनीति, कूटनीति और वैश्विक शक्ति संतुलन की गहरी समझ मिलती है। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. सुरेंद्र सिंह ने विषय के अंतरराष्ट्रीय प्रभावों का संक्षिप्त विश्लेषण प्रस्तुत किया।